बलिया। 15 अक्तूबर को ईओ मणि मंजरी राय आत्महत्या मामले मे हाई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब आरोपी मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, कंप्यूटर अपरेटर अखिलेश कुमार, सिकन्दरपुर के ईओ संजय राव बुधवार को बलिया सीजेएम कोर्ट में समर्पण करने वाले थे। लेकिन करणी सेना के धरना के चलते कोर्ट के मुख्यगेट पर मनियर के दारोगा और सिपाही को तैनात देख पकड़े जाने के डर से वे लोग लौट गए।
ज्ञात हो कि विगत छह जुलाई 2020 को नगर पंचायत मनियर की ईओ रही मणि मंजरी राय ने बलिया कोतवाली स्थित आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने आवास में सुसाइड लिख पंखे के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। इस मामले में मृतका के भाई विजयानन्द राय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, ईओ सिकंदरपुर संजय राव, टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कम्प्यूटर आपरेटर अखिलेश व चालक चन्दन कुमार को आरोपी बनाया था। जिसमें ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं टैक्स लिपिक विनोद सिंह ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया था।
जिसमें तीन सितंबर को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए स्टे दे दिया। उधर, चेयरमैन भीम गुप्ता व कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश के मामले में ने भी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।
। जिसके बाद से अब आरोपी कोर्ट में एक -दो दिन में समर्पण करने की फिराक में है। वही ईओ के भाई विजयानंद जनपदीय पुलिस पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए लगातार सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।इस बाबत सीओ सिटी एके सिंह ने बताया कि हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया है। अब लोवर कोर्ट क्या आदेश देता है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।