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Ballia News: एक साल पहले तोड़ा पुल नहीं बना तो श्रमदान से बना दिया बांस का पुल

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रेवती क्षेत्र के खरिका गांव के समीप नाला पर ग्रामीणों द्वारा बनाया गया बांस का पुल।संवाद
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रेवती। विकासखंड क्षेत्र के खरिका गांव के उत्तर स्थित भाखर तथा दह रेवती के बीच नाले पर शिव मंदिर के समीप बने पुराने पुल को एक साल पहले तोड़ दिए जाने के बाद नया पुल नहीं बनाया गया। इससे उत्तरी क्षेत्र के गांवों में आवागमन बाधित होने लगा। ग्रामीणों ने प्रशासन का इंतजार करने के बजाय आपसी सहयोग से बांस-बल्ली का अस्थायी पुल तैयार कर लिया।
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खरिका गांव के पूर्व प्रधान सुखदेव यादव ने बताया कि गांव के उत्तर दिशा में बहने वाले नाले पर पहले कोई पुल नहीं था। इससे भैंसहा, खिरोधरपुर, मरौटी, कल्याणपुर, जमधरवा, लमुही, रतीछपरा समेत टीएस बंधा के आसपास के गांवों तक पहुंचने में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि अपने प्रधान कार्यकाल में तत्कालीन मंत्री बच्चा पाठक को इस समस्या से अवगत कराया गया था। उनके प्रयासों से शिव मंदिर के पास पक्के पुल की स्वीकृति मिली और वर्ष 1985 में पुल का निर्माण कराया गया। इसके बाद यह पुल नाले के दक्षिण और उत्तर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग बन गया।
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करीब डेढ़ माह पहले नए पुल के निर्माण के उद्देश्य से पुराने पुल को तोड़ दिया गया। हालांकि नया पुल अभी तक तैयार नहीं हो सका है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में कठिनाई होने लगी। निर्माण कार्य में हो रही देरी को देखते हुए खरिका तथा आसपास के गांवों के लोगों ने आपसी सहयोग से बांस-बल्ली का अस्थायी पुल तैयार कर लिया। वर्तमान में ग्रामीण इसी पुल के सहारे नाले को पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी पुल से फिलहाल राहत तो मिली है, लेकिन सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए नए पक्के पुल का निर्माण जल्द पूरा कराया जाना आवश्यक है।
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