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Ballia News: लखनऊ से आई तीन सदस्यीय टीम ने भर्ती मरीजों की जांच की

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जिला अस्पताल में लगातार मरीजों की मौत का मामला
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बलिया। जनपद में पिछले चार दिनों से भीषण गर्मी व लू के बीच जिला अस्पताल में लगातार लोगों की मौत से जिला प्रशासन से लेकर शासन तक खलबली मची है। मामले में हीट स्ट्रोक से मौत होने का बयान देने पर खफा शासन ने सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह को हटा दिया है। शासन के निर्देश पर मौत के कारणों की जांच के लिए रविवार को लखनऊ से तीन सदस्यीय टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम में शामिल निदेशक स्वास्थ्य डा. एके सिंह, डा. केएन तिवारी व संयुक्त निदेशक डा. मोहित कुमार ने मरीजों और तीमारदारों को हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सुझाव को दिए, लेकिन मौत के कारण पूछने पर चुप्पी साध ली। भर्ती मरीजों के खून, यूरिन की जांच और पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहने की बात कही।
टीम के सदस्यों ने अस्पताल के इमरजेंसी, इमरजेंसी वार्ड व मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों से बीमारी संबंधित जानकारी ली। चल रही दवाओं व बीमारी की पूरी हिस्ट्री जानी। उनकी जांच भी की। इमरजेंसी में गंभीर रूप से भर्ती होने वाले मरीजों का रिकार्ड देखा। अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। बुखार होने पर मरीजों की शरीर को ठंडे पानी से पोंछने और लू से बचाव के संबंध में जागरूक किया। जांच के बाद टीम के सदस्य डा. एके सिंह ने बताया कि भर्ती मरीजों में सीने में दर्द, तेज बुखार, सांस फूलने की समस्या देखने को मिली है। मौत के कारण के सवाल के जबाब पर कहा कि मरीजों के ब्लड, यूरिन, सीरम की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखने के बाद ही बीमारी की सही जानकारी होगी। कहा कि अस्पताल में दो ब्लाकों बांसडीह, गड़वार के सबसे ज्यादा मरीज भर्ती है। उन ब्लाकों की सीएचसी, पीएचसी सहित वहां के पानी सहित अन्य की जांच की जाएगी। मरीजों के बीएचटी की जांच की जा रही है। जिले में मौत के बढ़ते मामले को असमान्य बताया। हीट स्ट्रोक से मौत होने को खारिज करते हुए कहा कि अन्य जिलों में भी लू के मरीज बढ़ते। सिर्फ कुछ ब्लाकों में नहीं होगा। अगर लू होता तो 360 किमी दूर से हमलोग आए हैं। हम लोग भी हीट स्ट्रोक से पीड़ित होते। निदेशक डा. एके सिंह ने कहा कि चार से पांच दिन में मौत के कारण की रिर्पोट शासन को सौप दी जाएगी।
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एसी गाड़ी से पहुंचे, कहा हीट स्ट्रोक होता तो हम बीमार क्यों नहीं?
बलिया। जिले में लगातार बढ़ रहे मौत के कारणों की जांच करने पहुंची तीन सदस्यीय टीम के सदस्य एसी गाड़ी से बलिया अस्पताल जांच करने पहुंचे। जिले में हीट स्ट्रोक का प्रकोप के सवाल के जवाब में कहा कि अगर हीट स्ट्रोक का असर होता तो हमलोग 360 किमी दूर से आ रहे हैं, हम चपेट में क्यों नहीं है।
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