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स्वच्छता की मुहिम में कचरे का ढेर

Wed, 31 Jan 2018 11:43 PM IST
ballia
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नागाजी मठ वाली गली में कई माह से पड़ा कूड़ा कचरा। - फोटो : अमर उजाला
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शासन के नए फरमान के मुताबिक सभी शहरों के स्वच्छता की रैंकिंग निर्धारित होनी है। लेकिन शहर में स्वच्छता का हाल खुद ही नगर की गलिया बयां कर रही हैं। नगर पालिका क्षेत्र की कई गलिया ऐसी हैं जहां स्वच्छता के मामले में हमेशा उपेक्षित रखा गया है। आलम यह है कि नगर के कई वार्ड आज भी साफ-सफाई के मामले में उपेक्षित हैं। सबसे दिलचस्प तो यह है कि करीब एक पखवारे से नगर में संविदा पर रखे गए संविदा सफाई कर्मी हटा दिए गए। उनके जगह पर नए सफाई कर्मी के लिए टेंडर ही नहीं किया गया है।
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नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों में साफ-सफाई की व्यवस्था अब चरमराने लगी है। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में नगर पालिका और नगर पंचायतों को साफ-सुथरा रखने के निर्देश शासन स्तर से दिए गए है। शासन के नए फरमान के मुताबिक सभी शहरों के स्वच्छता की रैंकिंग निर्धारित होनी है। फिर भी नगर पालिका के कई वार्ड गंदगी के चलते बदहाल है। नगर पालिका क्षेत्र भृगुआश्रम स्थित नया वजीरापुर मोहल्ले में सेनेटरी गलियों की साफ-सफाई करीब एक साल से नहीं कराई गई। जबकि इन गलियों को साफ-सुथरा रखने के लिए पेवर्स ब्लाक बिछाए गए हैं। इसी तरह नगर के नागाजी स्कूल वाली गली में भी सेनेटरी गलियों का खास्ता हाल है। इस मोहल्ले की पड़ताल जब उमर उजाला टीम द्वारा की गई, पाया गया कि इस मोहल्ले में साफ-सफाई का अभियान आज तक नहीं चलाया गया है। मोहल्ले की नालियां भी बजबजा रही हैं। खासकर उन इलाकों की स्थिति और खराब है। जहां अधिकांश संख्या गरीब तबके के लोग रहते हैं।

सतीश चंद कालेज के पीछे वाली गली की नालियां पूरी तरह से चोक हो चुकी है। उसकी साफ-सफाई पिछले छह माह से नहीं हुई है। इस मोहल्ले के राजेश पांडेय, देवप्रकाश पांडेय बताते हैं कि पहले संविदा पर सफाई कर्मियों की तैनाती थी उस समय कभी-कभार साफ-सफाई हो जाती थी। अब संविदा सफाई कर्मी भी हटा दिए गए हैं।
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उधर नगर के प्रोफेसर कालोनी में भी साफ-सफाई की लचर व्यवस्था होने के चलते कूड़ा करीब छह माह से नहीं उठ रहा है। इस मोहल्ले के निवासी अजीत यादव बताते हैं कि साफ-सफाई नगर पालिका की ओर से न कराए जाने के चलते कूड़े का अंबार लगा रहता है। इसके अलावा टैगोर नगर, मिड्ढी, हरपुर, रामपुर उदयभान, आनंद नगर की गलियां अधिक उपेक्षित रहती है।
नगर के प्रोफेसर कालोनी निवासी उमरावती देवी का कहना है कि मोहल्ले में नाली के पानी का निकास नहीं होने की शिकायत नगर मजिस्ट्रेट से की गई है। लेकिन पालिका प्रशासन की ओर से नाली के पानी निकास की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई।
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