बलिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं संरक्षक विजय सिंह ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी दी है।
उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नए शैक्षिक सत्र में आंदोलन और संघर्ष की रूपरेखा तय करने के लिए 26 जून को प्रादेशिक कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत है। प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम-2023 में पूर्व चयन बोर्ड की धारा-21 (सेवा सुरक्षा) को पुनः लागू करना तथा शिक्षकों को गृह जनपद में स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करना शामिल है।
विजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। इसके अलावा ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना, पुलिस भर्ती और बीएड जैसी परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को उपार्जित अवकाश (ईएल) दिए जाने की मांग भी संगठन के एजेंडे में शामिल है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, पेंशन और जीपीएफ का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना तथा प्रवक्ताओं की पदोन्नति संबंधी मामलों को शीघ्र मंजूरी देना भी संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल है।
प्रादेशिक उपाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों पर 26 जून की बैठक में विस्तृत चर्चा होगी और आगे के आंदोलन तथा संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।