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रैंकिंग में 72 अंकों की छलांग, मंडल में दूसरे स्थान पर पहुंचा बलिया

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बलिया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 की रैकिंग जारी कर दी गई है। इस बार जनपद ने गत वर्ष की अपेक्षा रैकिंग में 72 पायदानों की छलांग लगाते हुए देश में 200वीं रैंक पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में बलिया जनपद की रैंकिंग 272, 2020 में 267 और 2019 में 272 थी। खास बात यह है कि आजमगढ़ और बलिया ने मंडल में एक-एक पायदान ऊपर चढ़ते हुए पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा कर लिया। सबसे खराब स्थिति मऊ की रही। इस बार वो मंडल में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। 2021 में पहले स्थान पर काबिज था। हालांकि उसकी भी नेशनल रैकिंग में सुधार हुआ है। फिर भी वो 210 रैंक के साथ तीसरे स्थान पर है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में एक लाख से अधिक और 10 लाख से कम आबादी वाले 382 निकायों की रैंकिंग जारी की गई। नेशनल रैकिंग में 200वां स्थान पाने वाला बलिया यूपी में 38वें नंबर पर है। बलिया का टोटल स्कोर 2972.68 रहा। यह हालत तब है, जब जनपद में अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए केंद्र की स्थापना नहीं है। इसके साथ ही शहर में एसटीपी की भी कोई व्यवस्था नहीं हैं। यूरीनल और सार्वजनिक शौचालयों की कमी है। यदि इन व्यवस्था में सुधार किया जाता तो शहर की रैंकिंग कहीं और पहुंच सकती है।
गंगा टाउन में भी छलांग
बलिया। गंगा किनारे स्थित शहरों की भी रैंकिंग जारी की गई है। इसमें भी एक लाख से ज्यादा की आबादी वाले देश के कुल 46 शहरों में बलिया 26वें नंबर पर है। पिछली बार कुल 48 शहरों में बलिया 45वें नंबर पर था। इस बार उसने अच्छी छलांग लगाई है। बलिया के ऊपर दूसरे नंबर पर वाराणसी और चौथे नंबर पर प्रयागराज है। मिर्जापुर और गाजीपुर ने बलिया से नीचे स्थान पाया है। मिर्जापुर 34वें तो गाजीपुर 45वें नंबर पर है। जनपद में अभी एसटीपी की कोई व्यवस्था नहीं है। गंगा किनारे के रास्तों पर शहर से निकलने वाले कूड़े को गिराया जाता है। शहर से निकलने वाले नालों के पानी को बिना ट्रीट किए सीधे गंगा नदी में गिराया जाता है। यदि एसटीपी बन जाती और यहां डंप पुराने कूड़े का निस्तारण कर दिया जाता है तो रैंकिंग में और सुधार हो जाता। पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए नगर पालिका बलिया को करोड़ों की धनराशि मिली है, लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन नहीं तलाशी जा सकी है। वहीं, नया कूड़ा भी यहां गिराया जा रहा है।
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नार्थ जोन में रेवती 32वें तो रसड़ा 173वें स्थान पर
बलिया। नार्थ जोन की 25 से 50 हजार की जनसंख्या वाले निकायों की भी रैकिंग जारी की गई है। इसमें कुल 199 निकायों में रेवती नगर पंचायत 32वें स्थान पर, बैरिया 111वें और रसड़ा नगरपालिका 173वें स्थान पर रही। रसड़ा नगर पालिका की खराब हालत भी साफ-सफाई को लेकर ही हुई है। बेल्थरारोड नगर पंचयात 90वें, सहतवार 109वें, सिकंदरपुर 119वें और बांसडीह 136वें स्थान पर रहा। मनियर 224वें स्थान पर, चितबड़ागांव नगर पंचायत 240वें स्थान पर रही।
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