रामगढ़। गंगा नदी के उस पार बैरिया विधानसभा के अंतर्गत नौरंगा गांव सदियों से परेशानी की जिंदगी व्यतीत करते आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पूर्व ग्रामीणों ने मतदान के बहिष्कार का एलान कर दिया था। तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने नौरंगा जाकर उनकी मांगों को चुनाव बात तत्काल पूरा करने का वादा किया था लेकिन लगभग एक साल बाद भी ग्रामीणों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। पिछले दो साल से कटान की जद में आने के बाद इनकी स्थिति और भी भयावह हो गई है। अत: अब ग्रामीणों ने खुद ही कमर कस लिया है। अब ग्रामीणों ने खुद ही सामूहिक प्रयास से नदी की धारा को मोड़ने का बीड़ा उठा लिया है। ग्रामीण नित्य प्रतिदिन बोरियो में बालू भरकर नदी के आसपास डालकर नदी की धारा को मोड़ने में लगे हुए है। यह भविष्य के गर्भ में है कि इनकी मेहनत कितना रंग लाएगी।