बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेला रविवार को अपनी रंगत में दिखा। 15 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। हालांकि दुकानदारों को अनुमान के अनुरूप भीड़ नहीं थी। छुट्टी का दिन होने से लोग परिवार संग मेले में पहुंचे। एक तरफ भीड़ थी लेकिन लेकिन दूसरी तरफ सन्नाटा छाया रहा।
मेले के चौराहे सजने का काम चलता रहा। वहीं, मार्ग व प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए काज जारी रहा। मार्ग खराब होने के कारण लोगों को चलने में काफी कठिनाई हुई। दो झूले चालू हो गए हैं। युवा वर्ग झूले की तरफ ज्यादा आकर्षित दिखे। महिलाएं घरेलू व शृंगार के सामान खरीदने में जुटी रहीं। छोटे बच्चे भी मेले में खिलौने आदि खरीदने की जिद करते दिखे। । मेला इंचार्ज राजू राय के नेतृत्व में पुलिस गश्त करती रही। सुबह दस बजते-बजते ग्रामीण क्षेत्र से लोग टोली में मेले में पहुंचने लगे।
हर माल 10 व 25 रुपये के स्टॉल पर ज्यादा भीड़ रही : हर माल 10 व 25 रुपये के स्टॉल पर महिलाओं की भीड़ ज्यादा रही। इस पर घर पर उपयोग की सामान के साथ बच्चों का खिलौने अधिक थे।
तैयार होने लगा मौत का कुआं व जलपरी : मेला में मौत का कुआं व जलपरी हर किसी के लिए आकर्षक का केंद्र रहता है। मेला में झूला के करीब ही मौत का कुआं व जलपरी को लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अभी झूले के कई आइटम खड़े किए जा रहे है।
बांस से बनी फास्ट फूड की दुकान लोगों को भा रही
ददरी मेले में देहाती अंदाज में फास्ट फूट की दुकान सभी को भा रही हैं। झूला के पास राजपूत निवासी दिलीप ने फास्ट फूड की दुकान है। दुकान को उन्होंने पूरी तरह से बांस से बनाया है। काउंटर से ऊपर का छज्जा भी बांस से बना है। यह देखने में काफी आकर्षक लग रहा है। बर्गर, पिज्जा के साथ अन्य फास्टफूड मिल रहे हैं।
अस्थाई थाना अब तक नहीं बना : ददरी मेले में अभी तक अस्थाई थाने का निर्माण नहीं हुआ है। पुलिसकर्मी दुकानों पर बैठकर ड्यूटी निभाते दिखे। मेला प्रभारी राजू राय ने बताया कि थाना तैयार करने का कार्य अब शुरू हुआ है।
ददरी मेला में जाने वाले रास्ते का मरम्मत करता मजदूर।संवाद
ददरी मेला में जाने वाले रास्ते का मरम्मत करता मजदूर।संवाद