बलिया। सीसीटीएनएस योजना अंतर्गत शुक्रवार को पुलिस विभाग के तकनीकी सेवाओं के डीजी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये एसपी को कई निर्देश दिया। तत्काल प्रभाव से आनलाइन या आफलाइन एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके अनुपालन में कंप्यूटर में पहला आफ लाइन मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया।
जनपद के सभी थानों को आनलाइन एफआईआर दर्ज करने के लिए एक साल पहले क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ने की कवायद शुरू की गई थी। इसके तहत थानाध्यक्षों से लेकर सिपाही तक को कंप्यूटर की ट्रेनिंग दी गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, क्षेत्राधिकारी कार्यालय के साथ ही जनपद के सभी थानों पर कंप्यूटर भी लगाया गया। बिजली समस्या को देखते हुए जेनरेटर भी लगाए गए। सभी थानों को नेटवर्क से जोड़ा गया। शुक्रवार को डीजी से पुलिस अधीक्षक राजू बाबू सिंह की वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। इसमें डीजी ने तत्काल प्रभाव ने थानों में आनलाइन, आफ लाइन मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को आनलाइन, आफलाइन मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। चेताया कि यदि आदेश के अनुपालन में कोताही हुई तो थानाध्यक्ष सहित संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। शहर कोतवाल ने निर्देश के अनुपालन में शुक्रवार को सबसे पहले पहला आनलाइन मुकदमा केंद्रीय भंडार प्रबंधक अवधेश सिंह की तहरीर पर कनिष्क अधीक्षक तथा गोदाम इंचार्ज केंद्रीय भंडार गृह रामनाराण सिंह पर आईपीसी की धारा 409 के तहत मुकदम दर्ज किया।
पुलिस की मानें तो इससे जहां पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने में सहूलियत होगी। वहीं पुलिस को भी कम परेश्ाानी झेलनी होगी। अब रिकार्ड के रखरखाव में सहूलियत होगी।