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मंगल पांडेय का बलिदान अविस्मरणीय

Sun, 30 Mar 2014 05:31 AM IST
Ballia
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दुबहर। जनपद न्यायाधीश सीएम तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम सेनानी मंगल पांडेय का इतिहास किसी को भूलना नहीं चाहिए। इस बात पर खेद प्रकट किया कि देश के ऐेसे महापुरुषों को जिस प्रकार का मंच मिलना चाहिए, वह नहीं मिला। वे मंगल पांडेय की जन्मभूमि नगवां में राजश्री पब्लिक स्कूल में आयोजित मंगल क्रांति दिवस समारोह के बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती और मंगल पांडेय के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
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मंगल पांडेय विचार मंच की ओर से आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 1857 के जिस मशाल को इस धरती के लाल ने जलाया, उसे राष्ट्र द्वारा भूल जाना कत्तई उचित नहीं। कहा कि अवकाश प्राप्त सैनिकाें तथा उनके परिवार के कल्याण की दिशा में मंच द्वारा किए गए कार्य सराहनीय हैं। विशिष्ट अतिथि मुख्य दंडाधिकारी एनके सिंह ने कहा कि मंगल पांडेय ने जिस लौ को जलाया, उसे जलता रहना चाहिए। उन्होंने मंगल पांडेय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंगल पांडेय के क्रांति के उद्देश्य को आगे बढ़ाने की अपील की। अध्यक्षता करते हुए डा. जनार्दन राय ने कहा कि धन्य है नगवां की माटी, जहां मंगल पांडेय पैदा हुए। आज पूरा देश इस मिट्टी का कर्जदार है। मंगल पांडेय ने प्राणों का बलिदान देश और राष्ट्र के लिए दिया है, जो युगों युगाें तक याद किया जाएगा। विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक ने मंच के उद्देश्य को रखा। इस अवसर पर मंच के सचिव अरुण कुमार साहू, संरक्षक डा. बृकेश पाठक, पन्नालाल गुप्त, अंजनी सिंह, गोविंद पाठक, राजू मिश्र, रणजीत सिंह, योगेश्वर मितवा, अख्तर अली आदि मौजूद रहे। संचालन शिक्षण गणेश जी सिंह ने किया।
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