हल्दी। थाना क्षेत्र के भदवरिया टोला में शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे शार्टसर्किट से आग लग गई, जिसमें तीन दर्जन मड़हे जलकर राख हो गए। एक गाय व पांच बकरी भी आग की लपटों में जलकर मर गईं। ग्रामीणों की घंटों मशक्त के बाद आग पर काबू पाया गया। इसी बीच अग्नि शमन दस्ता जब तक गांव में पहुंचता, सब जलकर राख हो गया था। अगलगी की घटना में दो दर्जन परिवारों की गृहस्थी तबाह हो गई है।
शुक्रवार को दोपहर बाद छट्ठू राम के घर अचानक शार्टसर्किट होने से आग लग गई। पछुआ हवा तेज होने से आग ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया। देखते ही देखते अक्षय लाल राम, प्रेम चंद्र, मुन्ना, कमलेश, शैलेश, गुड्डू, सोनालाल, सीताराम, उधारी, राहुल, राजू, सुनील, बलिराम, बिखारी, पशुराम, बल्मिकी, श्रीकृष्ण, लाल बाबू, राजन, वीरेंद्र, लल्लू, श्रीकांत, बब्लू, देवकुमार, तेतरी देवी, लक्ष्मीनिया देवी आदि मड़हे आग की जद में आ गए, जिसमें श्रवण राम की पांच बकरी भी जलकर मर गईं। आग लगते ही हल्दी गांव के भदवरिया टोला में कोहराम मच गया। लोग अपने-अपने घर से जान बचाकर भागने लगे। लोग अपने घर का सामान भी बाहर फेंकने में जुटे थे, लेकिन सामान सुरक्षित नहीं कर सके। आग ने लोगों को थोड़ा भी मौका नहीं दिया। यहां तक कि एक रिहायशी झोपड़ी में बंधी गाय भी जलकर मर गई।
वहीं घटना के बाद गांव के लोगों ने आननफानन में नलकूप चलाकर व बालू, मिट्टी आदि डालकर किसी तरह आग पर काबू पाया।
गांववालों ने आग की खबर तत्काल हल्दी थाने व अगिभनशमन कार्यालय को दी गई। सूचना पाकर प्रभारी थानाध्यक्ष रामचंद्र तिवारी सदलबल मौके पर पहुंच गए। इसी बीच अग्निशमन दस्ता भी घटना स्थल पर पहुंचा, लेकिन तब तक सबकुछ जलकर राख हो चुका था। 24 परिवारों की 36 से अधिक झोपड़ियां जलने से 50 से अधिक लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। वहीं उनके सामने सिर छुपाने के लिए छत, पहनने के लिए कपड़े व निवाले की समस्या खड़ी हो गई है।