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रामकथा श्रवण मात्र से मिट जाता है जन्म-जन्म का पाप

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रतसर। भगवत कथा मानव जीवन के लिए औषधि के समान है। इसके श्रवण मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। धनेश्वरनाथ धाम धनौती धूरा में चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन प्रवचनकर्ता प्रेमदाज जी महाराज उर्फ फलाहारी जी ने उक्त बातें कहीं।
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कहा कि इस घोर कलियुग में भगवान का नाम तारक मंत्र है। यहीं मोक्ष प्राप्ति का एक मात्र साधन है। हर मनुष्य को भगवान की कथा का श्रवण करना चाहिए और भजन कीर्तन करना चाहिए, इसके बिना मानव जीवन का कल्याण संभव नहीं है। प्रवचनकर्ता जगत नारायण दास जी ने भागवत महिमा की बखान करते हुए कहा कि भवसागर से पार उतरना है तो रामकथा ही एक मात्र आधार है। रामकथा में वह शक्ति है, जिसके श्रवण मात्र से जन्म-जन्म का किया हुआ पाप मिट जाता है।
शुक्रवार को महायज्ञ में सुबह से ही परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। यज्ञाचार्य पं. सुनील पांडेय (आचार्य) की देख-रेख में पूजन-हवन मंत्रोचार के बीच संपन्न हुआ। रात्रि में वृंदावन से आई रसिक मंडली के द्वारा मनोहारी रासलीला और रामलीला में रामजन्म की कथा का मंचन हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर चौकी प्रभारी देवेंद्र नाथ दूबे हमराहियों संग यज्ञ स्थल पर डटे रहे।
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