यूपी बोर्ड का नया सत्र दो अप्रैल से शुरू हो जाएगा। लेकिन सभी विद्यालयों में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाएगी। राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के अधिकतर शिक्षक मूल्यांकन कार्य में लगे हैं और वित्तविहीन शिक्षकों का बहिष्कार अभी भी जारी है। शिक्षकों के अलग-अलग आंदोलन के चलते मूल्यांकन कार्य भी देरी से शुरू हुआ। हालांकि विभाग का दावा है कि दो अप्रैल से सत्र की शुरुआत होगी और मूल्यांकन भी समय से समाप्त हो जाएगा।
शासन की ओर से निर्धारित समय के अनुसार माध्यमिक शिक्षा के सत्र की शुुरुआत दो अप्रैल से होगी। लेकिन इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। बताया जाता है कि 17 मार्च से बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन कार्य शुरु होना था। माध्यमिक शिक्षकों के आंदोलन के चलते यह कार्य विलंब से शुरु हुआ। जबकि वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों का मूल्यांकन का बहिष्कार अभी भी जारी है। ऐसे में मूल्यांकन केंद्रों पर काफी कम उप प्रधान व सहायक परीक्षक उपस्थित हुए जो कापियों को जांच रहे हैं। बतौर उदाहरण जीजीआईसी में 79 उप प्रधान के सापेक्ष 38 व सहायक परीक्षक 784 के सापेक्ष 201 ही उपस्थित हुए हैं। जीजीआईसी में कुल एक लाख 83 हजार 97 कापियां जांची जानी है और इसके लिए 31 मार्च की तिथि निर्धारित है जबकि अभी तक 99 हजार 642 कापियां ही जांची जा सकी हैं। ऐसे में मूल्यांकन कार्य कर रहे शिक्षक स्कूल पर कैसे जा पाएंगे।
इनसेट...
48961 कापियां भेजी जाएंगी जीआईसी आजमगढ़
बलिया। जिले के राजकीय इंटर कॉलेज स्थित मूल्यांकन केंद्र पर कापियों के मूल्यांकन समय से नहीं होने के बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक ने मामले से माध्यमिक शिक्षा परिषद को अवगत कराया था। बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने मंगलवार को जीआईसी पर आवंटित भौतिक विज्ञान की 25 हजार, हिंदी की 15हजार व गृह विज्ञान की आठ हजार 961कापियों का मूल्यांकन जीआईसी आजमगढ़ भेज कर कराने का निर्देश दिया है। प्रभारी डीआईओएस अतुल तिवारी ने बताया कि बोर्ड के सचिव का पत्र प्राप्त हो गया है कापियों को जीआईसी आजमगढ़ भेजा जा रहा है।
वर्जन =
दो अप्रैल से ही माध्यमिक शिक्षा का सत्र शुुरु होगा। सत्र के शुरुआत में नामांकन आदि की प्रक्रिया कुछ दिनों तक होती है और इस बीच मूल्यांकन कार्य भी पूरा हो जाएगा। सत्र के शुरु होने में मूल्यांकन कार्य से कोई बाधा नहीं होगा।
अतुल तिवारी, प्रभारी डीआईओएस