बलिया। पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में बृहस्पतिवार को शहर के 59 राजकीय सस्ते गल्ले के दुकानदारों ने जिला आपूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। ऐसे में शुक्रवार से नि:शुल्क वितरित होने वाले राशन का वितरण खटाई पड़ता दिख रहा है। कोटेदारों के सामूहिक इस्तीफे से विभाग में हड़कंप मचा है।
डीएसओ को सौंपे सामूहिक इस्तीफ में नगर के कोटेदारों ने जिक्र किया है कि अक्सर उन्हें विपणन गोदाम से कम खाद्यान्न की आपूर्ति की जाती है।बार-बार लिखित तौर पर शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी मामले का समाधान नहीं करा रहें है। जिससे वितरण के दौरान उनके सामने समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा कार्डधारक द्वारा शिकायत करने पर विभाग कोटेदार के खिलाफ कारवाई करता है। इतना ही नहीं खाद्नन के उठान और पल्लेदारी और किराया का भुगतान भी मामूली तौर पर किया जाता है। आरोप लगाया है कि वितरण के दौरान वार्ड के सभासद और छुटभैये नेता अनावश्यक तौर पर अधिक राशन एवं रंगदारी टैक्स भी वसूल रहे है। अन्यथा की स्थिति में वितरण में धांधली की शिकायत का आरोप लगाते है। पत्र में यह उल्लेख है कि कोटेदारों को दो प्रतिशत प्राक्सी देने का मौखिक आदेश है। जबकि अधिकत्तर कार्डधारकों का अगूठा निशान मशीन द्वारा नहीं लेने और राशन देने से मना करने पर विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। जिससे कोटेदारों के समक्ष संकट पैदा हो जाता है।
सामूहिक इस्तीपुु देने वालों में सपना गुप्ता, वंशीधर, संतोष कुमार वर्मा, ज्योति देवी,संध्या देवी, शिकुमारी देवी, प्रीति चौरसिया, सरफुद्दीन अंसारी, भेला प्रसाद, प्रदीप कुमार, इंदू देवी, प्रभावती देवी, मोती चंद गुप्ता,सुनील कुमार गुप्ता, विवेक कुमार, अनिता चतुर्वेदी,संजीव कुमार तिवारी, किरन देवी, दीप कुमार सिंह आदि रहें।
महामारी के दौर में कोटेदार दबाव की राजनीति कर मनमानी करना चाहते है, मांगों में कुछ नया नहीं है। इतना अवश्य है कि लाकडाउन के दौरान विभागीय अधिकारी कार्डधारक को पूरा राशन दिलाने के लिए सजग और तत्पर है। जिससे कुछ लोगों को दिक्कत हो रही है।
कृष्ण गोपाल पांडेय
जिला आपूर्ति अधिकारी