बलिया। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर संस्थान में रविवार को बाबा साहब की 128वीं जयंती मनाई गई। संस्थान के संस्थापक डॉ. एस प्रताप बौद्घ ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बुद्ध वंदन के बाद विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में आठ घंटे काम का निर्धारण किया। कहा कि बाबा साहब भारत रत्न नहीं बल्कि विश्वरत्न से सुशोभित किया जाना चाहिए। आवश्यकता है बाबा साहब के प्रासंगिक विचारों केे आगे बढ़ाने की और बाबा साहब के सपनों का भारत बनाना है।
श्रीराम प्रसाद सरगम ने गीतों के माध्यम से बाबा साहब को याद किया और उनके द्वारा बनाए गए संविधान की सराहना की। कहा कि बाबा साहब जाति विहीन समाज की स्थापना करना चाहते थे और सभी में समानता का अधिकार चाहते थे। इस मौके पर विजय शंकर, छोटेलाल प्रसाद, प्रभुनाथ राम, राजन कन्नौजिया, महफूज आलम, विनायक मौर्य, संजय राव, रामकृष्ण, रामचंद्र, इंद्रेश गौतम, ब्रजेश कुमार, लक्ष्मी नारायण चौहान, आरडी राम, कपिलदेव, लालजी टंडन, मोतीलाल आदि रहे। संचालन वकील राम ने किया।
उधर, लोजपा पदाधिकारियों की ओर से डाक बंगला में डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब हमेश समता मूलक समाज के पोषक थे। पार्टी भी उन्हीं के बताए रास्ते पर चल रही है। इस मौके पर झूलन अंसारी, सुनील पासवान, लखन रावत, करन, राकेश रोशन, सुजीत कुमार, पिंटू शर्मा, डॉ. एस पांडेय, अयोध्या नाथ तिवारी, आदर्श पाठक, मुन्ना खान, सूरज पासवान आदि रहे।