बलिया। मानदेय के लिए कई दिनों से संविदा कर्मी आंदोलनरत हैं। बिजली विभाग में ठेकेदार की उदासीनता के चलते संविदा कर्मियों का मानदेय लटका हुआ है। इसके चलते संविदा कर्मियों के बच्चों की फीस तक जमा नहीं हो पा रही है। ऐसे में नाराज संविदा कर्मी बार बार अपने अपने इलाकों में विद्युत उपकेंद्रों की सप्लाई बाधित कर धरने पर बैठ जा रहे हैं। ऐसे में विभागीय अफसरों ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दिया गया है।
नगर सहित जिले के अधिकांश विद्युत उपकेंद्रों पर विद्युत संविदा कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से रखे गए हैं। विभागीय अफसरों की उदासीनता के चलते ठेकेदार कई माह से कार्य कराने के बाद भी उनका पैसा भुगतान नहीं किया जा रहा है। होली के पहले संविदा कर्मियों ने कामकाज ठप कर विद्युत आपूर्ति बाधित करते हुए विभाग के अफसरों को अल्टीमेटम भी दिया। विभागीय अफसरों ने एक माह का मानदेय दिलाने के साथ ही बाकी का मानदेय यथा शीघ्र दिलाने का आश्वासन दे दिया।
ऐसे में विभागीय ठेकेदार सुस्ती का परिचय देते हुए उसने अब तक संविदा पोर्टल पर संविदा कर्मियों की जानकारी नहीं लोड कराई। जिससे कि संविदा कर्मियों का मानदेय नहीं जारी हो सका। करीब छह से आठ माह के मानदेय बकाए से नाराज संविदा कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत उपकेंद्र को ठप कर धरने पर बैठ जा रहे है। जबकि विभागीय अफसर चुप्पी साधे हुए है। अधिशासी अभियंता मनीष कुमार झा ने कहा कि ठेकेदार जब तक संविदा पोर्टल पर संविदाकर्मियों के बारे में मांगी गई जानकारी अपलोड नहीं कराता है। तब तक संविदा कर्मियों का मानदेय दिलाना कठिन कार्य होगा। ऐसे में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। फिर भी लापरवाही बरती गई तो एफआईआर कराया जाएगा। जबकि विभागीय अधिकारी आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं।