बेल्थरारोड। गरीबों को सालाना 72 हजार दिए जाने के राहुल गांधी के वादे की किसी ने तारीफ की तो किसी ने चुनावी बताया। कहा कि यदि इस तरह की योजना लागू कर दी जाए तो इससे वास्तव में गरीबों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
सुशील कुमार सर्राफ ने कहा कि कांग्रेस के हर गरीब के खाते में 72 हजार रुपए भेजने की घोषणा काफी दिलचस्प है। वहीं, सैयद अब्दुल कादिर ने कहा कि सही मायने में देखा जाए तो गरीबों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। सत्ता से दूर रहने के बाद कांग्रेस को गरीबों का ख्याल चुनाव के समय आता है। चंद्रभूषण वर्मा का मानना है कि चुनाव के समय कांग्रेस की घोषणा संदेह के घेरे में है। मन्नू सोनी का कहना है कि कांग्रेस की घोषणा चुनाव चुनावी जुमला है क्योंकि कांग्रेस सत्ता हथियाना चाहती है।इसलिए चुनाव के वक्त गरीबों के खाते में रुपया भेजने की घोषणा गले से नीचे नहीं उतर रही हो सकता है कि सत्ता पाने के बाद कांग्रेस इसे अमलीजामा पहनावे ,लेकिन ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा।
उधर रसड़ा में सड़ौली निवासी समाजसेवी अशोक कुमार मिश्रा ने कहा की राहुल गांधी का बयान चुनावी जुमला है। पूर्व में मोदी जी ने भी 15 लाख रुपये हर गरीब के खाते में डालने, अखिलेश यादव ने भी हर बेरोजगार को बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया था जो हवा हवाई ही साबित हुआ। बेसवान निवासी बीरेंद्र यादव ने कहा की घोषणा तो अच्छी है लेकिन धरातल पर उतरनी चाहिए। मुंडेरा निवासी रंजय कुमार सिंह ने कहा की कांग्रेस ने अब तक देश के लोगो को बेवकूफ बनाकर शासन करती आई है। इस तरह की घोषणा से देश की जनता झांसे में नही आने वाली है।