बलिया। विगत दिनों प्रमुख सचिव दुग्ध विकास ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बर्फखानों की जांच करने का निर्देश दिया था। हालांकि यह आदेश अभी जनपद के अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बर्फ खानों की जांच शुरू कर दी है। एक बर्फखाना से अधिकारियों ने सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा है, लेकिन रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
गर्मी के दिन शुरू होते ही जिले में बर्फ की मांग बढ़ जाती है और इसके चलते बर्फखानों में उत्पादन भी बढ़ जाता है। बढ़ती मांग केे पूरा करने के प्रयास में बर्फखानों की ओर से मानक की भी अनदेखी कर दी जाती है और इसके चलते लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा। बताया जाता है कि जिले में कुल 30 बर्फखानों का संचालन किया जाता है। इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की है। बर्फखानों की ओर से मानक की अनदेखी करने को लेकर कुछ दिनों पर दुग्ध विकास के प्रमुख सचिव की ओर से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बर्फखानों की जांच का निर्देश दिया गया। हालांकि यह निर्देश अभी जिले के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन विभाग ने बर्फखानों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी की मानें तो गर्मी के दिनों में संक्रामक बीमारियों को देखते हुए खाद्य पदार्थों के साथ ही बर्फखानों की जांच के लिए सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा जांच पड़ताल के लिए एक टीम भी गठित की गई है। बताया कि बीते एक पखवारे में कुल 31 स्थानों पर छापेमारी की गई। इसमें कुल 14 जगहों से नमूने लिए गए 247 किग्रा मिठाइयां आदि जब्त की गईं। बताया कि शहर के बहेरी में स्थित एक बर्फखाने से सैंपलिंग की गई जिसमें चाकलेटी पेस्ट, आईसक्रीम रंग, आईसक्रीम घोल व चाकलेटी आईस्क्रीम है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इसकी जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है और रिपोर्ट मिलने के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यह भी कहा कि बर्फखानों के संचालकों को पानी की जांच कराने का निर्देश दिया गया है।