दवा खरीद में करोड़ों रुपये हुए घोटाला मामले की जांच मामले में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल द्वारा पत्र जारी किए जाने के बाद भी सीएमओ की तरफ से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इस दिशा में एडी मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया के खिलाफ उच्चाधिकारियों को पत्र लिखेंगे। आरोपी फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश सिंह के संबंध में एडी ने रिमाइंडर भेजकर साक्ष्य मांगा था, लेकिन सीएमओ की तरफ से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। साक्ष्य नहीं देने की स्थिति में एडी ने सीएमओ पर जांच प्रभावित करने की भी आशंका जताई थी।
मालूम हो कि जिले के केंद्रीय औषधि भंडार में तैनात फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश सिंह पर वर्ष 2003-04 से 2005-06 तथा वर्ष 2013-14 में दवा खरीद में दो करोड़ 21 लाख 94 हजार 394 रुपये घोटाला का आरोप है। जिसमें तीन फर्म मेसर्स गुंजन इंटर प्राइजेज लखनऊ, गुंजन फार्मा लखनऊ, जुगनू फार्मा मऊ को करोड़ों रुपया भुगतान किया गया है। जिसके सत्यप्रकाश सिंह पार्टनर थे। इस प्रकरण में 12 अप्रैल 2018 को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ के निर्देश पर निदेशक पैरामेडिकल ज्ञान प्रकाश ने एडी आजमगढ़ को एक सप्ताह के अंदर जांचकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। जिसके बाद एडी ने 27 अप्रैल तक सीएमओ को समस्त साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। लेकिन सीएमओ द्वारा साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके बाद पुन: एडी ने तीन मई को रिमाइंडर पत्र भेजकर सीएमओ से दो दिन के अंदर साक्ष्य उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। लेकिन सीएमओ द्वारा अब तक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके लिए एडी ने और दो दिन का समय दिया है। इस संबंध में एडी आजमगढ़ नंदलाल यादव ने बताया कि अभी तक सीएमओ की तरफ से साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। समयावधि पूरी होने के बाद भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने की दशा में सीएमओ के विरुद्ध ही उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराएंगे।