एमएलसी रवि शंकर सिंह पप्पू ने विधान परिषद में नियम 105 के तहत नोटिस देकर प्रदेश में निचली इकाई से चुने जाने वाले प्रतिनिधियों को मनमाने तरीके से हटाने के मामले में चर्चा कराने की मांग की। गुरुवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर कार्रवाई कर रही है। प्रदेश में निचली इकाई से चुने जाने वाले ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत अध्यक्षों को सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों के इशारे पर अधिकारियों के माध्यम से झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर और दवाब बना कर अविश्वास प्रस्ताव लाए जा रहे हैं तथा निलंबन किया जा रहा है। बताया कि विपक्षी दल के प्रधानों पर शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा करने का दवाब बनाया जा रहा है और पूरा न होने पर उनकों निलंबित कयिा जा रहा है। इसमें खासकर बलिया, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, गोरखपुर आदि जनपदों में सैकड़ों ग्राम प्रधानों को नोटिस देकर उनके वित्तीय अधिकारों को सीज किया जा रहा है और तीन सदस्यी कमेटी बनाकर प्रधानों को निलंबित किया जा रहा है। बताया कि यह स्थिति बहुत की विस्फोटक है कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है।