गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोध अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक रमाशंकर तिवारी ने कहा कि नदियां विराट ब्रह्मांड रुपी वृक्ष की नाड़ियां हैं, जिनके साथ किया जाने वाला छेड़छाड़ जीवन के यथार्थ की अनदेखी के समान है। बताया कि प्रदूषण की मंझधार में फंसी गंगा की धार को स्वतंत्र और निर्मल बनाने के लिए अभियान के तहत युवा पंचायतें आयोजित की जाएंगी। युवाओं को पतित पावनी गंगा के स्वर्णिम इतिहास तथा चमत्कारिक भूगोल से परिचित कराकर गंगा मुक्ति के नवीनतम मार्ग की तलाश होगी।