विशुनपुरा। क्षेत्र के नरहीं स्थित प्राचीन श्री नाथ मंदिर पर महाशिवरात्रि के अवसर पर चल रहे प्रवचन के दौरान मंगलवार की सायंकाल कथावाचक प्रेम दास फलहारी बाबा ने कहा क़ि भगवान को पाने के लिए भक्ति ही सबसे आसान उपाय है। भक्ति से मनुष्य के अंदर का अहंकार मोम की तरह पिघल जाता है और वह सहनशील हो जाता है। सहनशीलता भक्ति का पहला सूत्र है। कहा कि भगवान को ज्ञान के रास्ते भी पाया जा सकता है , लेकिन यह रास्ता बहुत ही कठिन है। यह साधकों के लिए ही सम्भव है। भक्त जिस सरलता से भगवान को पा सकता है, ज्ञानी उस सहजता से नहीं । इस मौके पर शत्रुंजय चौबे, सुरेन्द्र सिंह, विजय बहादुर सिंह, ओमप्रकाश, मुकुरधुन पटेल, अजय सिंह आदि मौजूद रहे ।