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बाढ़ व कटान पीड़ितों की शरणस्थली बना है बंधा

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जयप्रकाशनगर। घाघरा और गंगा की बाढ़ और कटान से प्रभावितों ने बंधे को अपनी शरणस्थली बना रखा है। ऐसा शासन प्रशासन की बदइंतजामी के चलते हो रहा है। सालों बाद भी आज तक विस्थापितों के लिए माकूल इंतजाम नहीं किए जा सके।
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बाढ़ तथा कटान रोकने के लिए जिले में छह बड़े बंधे बनाए गए हैं। इसके अलावा नदियों के तेवर को देखते हुए कई छोटे तथा रिंग बंधे भी बने हैं। लेकिन इन बंधों के मरम्मत आदि को लेकर विभाग सुस्त है। जिले में सबसे लम्बा टीएस (तुर्तीपार-श्रीनगर) बंधा है। इसके अलावा बीएसटी (बैरिया-संसार टोला), बीटी (बैरिया-थम्हनपुरा) बंधा आदि हैं। यह बंधे जहां बाढ़ से बचाव करते हैं वहीं बाढ़ तथा कटान प्रभावितों की शरणस्थली भी हैं। टीएस बंधा पर कई स्थानों पर अलग-अलग गांवों के कटान में समाहित होने के कारण लोग पिछले कई सालों से शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा नेशनल हाइवे पर कई झोपड़ी आदि लगाए हैं। मुरलीछपरा ब्लाक के ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा) वर्ष 2014 में घाघरा की बाढ़ में तहस-नहस हो गया। आलम यह रहा कि तीन पुरवे और कृषि भूमि पूरी तरह कटान में समा गए। अठगांवा के किसानों के खेत और जमीन नदी में विलीन हो गई और तीन पुरवे (नवका टोला, छक्कू टोला और बड़का सुफल टोला) के 350 आशियानों को भी अपने आगोश में ले लिया। आलम यह है कि यह परिवार पिछले तीन सालों से बीएसटी बंधा पर शरण लिए हुए हैं। हालंाकि काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने 280 परिवारों को तो स्थापित करा दिया लेकिन 70 परिवार आज भी बीएसटी बन्धे पर गुजर-बसर कर रहे हैं। 20 परिवार ऐसे भी हैं जिन्हें मकान गिरने का मुआवजा आज तक नहीं मिला। इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा) के कटान पीड़ित किसान घुरी टोला निवासी परमेश्वर सिंह ने कहा कि कटान रोकने को लेकर न तो बाढ़ विभाग ने संजीदगी दिखाई और ना ही किसी जनप्रतिनिधि ने प्रयास किया। प्रधान बच्चा जी यादव ने कहा कि कटान पीड़ितों को स्थापित करने को लेकर प्रशासन उदासीन बना हुआ है।

फोटो= 04
कटानरोधी कार्यों का मुख्य अभियंता ने लिया जायजा
जयप्रकाशनगर। बाढ़ विभाग की ओर से कराए जा रहे बाढ़ तथा कटानरोधी कार्यों का जायजा गुरुवार को विभाग के मुख्य अभियंता सीके जैन ने लिया। उन्होंने कहा कि कटावरोधी कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। उन्होंने बताया कि इसकी जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। मौके पर अभियन्ता अनिल कुमार, आरडी यादव, एके राय आदि थे।
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