सिकंदरपुर। केंद्र व प्रदेश सरकार के लाख कवायद के बावजूद सिकंदरपुर तहसील में राशन वितरण प्रणाली में धांधली विभागीय उदासीनता के कारण कम होने का नाम नहीं ले रही है। तहसील क्षेत्र में नगर पंचायत व देहात क्षेत्रों को मिलाकर कुल 84 सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान आवंटित है। जिसमें नगर पंचायत व तहसील क्षेत्र के कुछ गांव में तो रोस्टर के हिसाब से राशन मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन कई गांव में अब भी कार्ड धारकों से अधिक पैसा लेकर कम राशन दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों से लेकर तहसील स्तरीय अधिकारियों तक शिकायत होने के बावजूद भी तहसील प्रशासन मौन साधे हुए हैं। इसको लेकर कार्डधारकों में भारी आक्रोश है। कार्ड धारकों को आरोप है कि शासन द्वारा पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को दो रुपये गेहूं व तीन रुपए किलो चावल प्रति यूनिट निर्धारित है। वही अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए 20 किलो गेहूं वह 15 किलो चावल 85 रुपये में निर्धारित है। लेकिन कुछ कोटेदारों द्वारा पैसा अभी भी अधिक लिया जा रहा है और गेहूं और चावल कम दिया जा रहा है।