माडल रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद बस में सवार होने के लिए अपना नाम पता दर्ज कराते प्रवासी श्रमिक।
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लॉकडाउन-4 के आखिरी दिन रविवार को श्रमिक स्पेशल तीन ट्रेनों और रोडवेज की 27 बसों से 810 प्रवासी कामगार जिले में आए। इनमें दर्जनभर गामगार पड़ोसी जनपदों के निवासी हैं। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और रोडवेज की बसों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
गुजरात के गांधीनगर से छपरा जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन से करीब 63 लोग आए। इस दौरान रेल प्रशासन ने ट्रेन के ठहराव के दौरान सभी यात्रियों में नाश्ता और पानी का वितरण किया।
इसके बाद दिन के 10.15 बजे दिल्ली के आनंद बिहार से चली श्रमिक स्पेशल रेल गाड़ी 459 श्रमिकों को लेकर पहुंची। इसके अलावा तमिलनाडु से छपरा जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन चैनपुलिंग होने के कारण रूकी तो उसमें से 38 प्रवासी श्रमिक रेलवे स्टेशन पर उतरे। जहां सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। इसके अलावा रोडवेज की 27 बसों से प्रदेश के विभिन्न स्थानों से करीब 250 प्रवासी कामगार गृह जनपद पहुंचे। सबकी थर्मल स्क्रीनिंग के उपरांत होम क्वारंटीन किया गया। ट्रेनों से आए श्रमिकों में गैर जनपदों के भी कामगार शामिल रहे। जिनको चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत रोडवेज की बसों से गृह जनपद के लिए रवाना किया गया।
इसके पूर्व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए श्रमिकों को कोच से उतारा गया। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए श्रमिकों को स्टेशन प्लेटफार्म पर बने गोले में खड़ा कराया गया। शिक्षा विभाग की टीम द्वारा बाहर से आए श्रमिकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया गया। उन्हें भोजन के पैकेट व बोतल बंद पानी मुहैया कराया गया। इसके बाद स्टेशन परिसर के बाहर खड़ी रोडवेज की बसों में बैठा कर उनके जनपदों को रवाना किया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों की चाकचौबंद व्यवस्था रही। स्टेशन परिसर में प्रशासनिक अधिकारी, रेलवे कर्मचारी और शिक्षा विभाग की टीमें भी मौजूद रही।