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Ballia News: 81 कटान पीड़ितों को मिली 94.56 लाख की सहायता

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बलिया। गंगा व सरयू की धारा में अपना सबकुछ गंवाने वाले पीड़ितों तक सरकार की मदद पहुंचने लगी है। बाढ़ की कटान में बैरिया व बांसडीह तहसील में दो बड़ी नदियों से कई मकान नदी में समाहित हो गए हैं। पीड़ित परिवार पूरी तरह से बेघर कर बंधे के किनारे या रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। अभी दो तहसीलों में अपना सबकुछ गंवाने वाले 81 परिवारों को 94.52 लाख की आर्थिक सहायता शासन से खाते में ऑनलाइन पहुंच गई है। इसके बाद भी अन्य पीड़ितों को प्रशासन चिह्नित करने में जुटा है। उन्हें भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
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जिले में दो बड़ी नदी गंगा दक्षिणी व उत्तरी छोर पर सरयू बहती हैं। बाढ़ के दिनों में दोनों नदियों के कटान से गांव के गांव खत्म हो जा रहे है। ऐसे में कटान पीड़ितों को शासन की तरफ से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस वर्ष भी दोनों नदियों ने जमकर तबाही मचाई है। इसमें अपनी मकान गंवाने वाले पीड़ितों को शासन की तरफ से पक्का मकान कटान से ध्वस्त होने पर 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं झोपड़ी के कटने पर आठ हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
बैरिया में 55.28 व बांसडीह में 9.28 लाख की मिली सहायता
कटान में अपना मकान व झोपड़ी गंवाने वाले 81 पीड़ितों को 94.56 लाख की आर्थिक सहायता अभी तक प्रदान की गई है। इसमें बैरिया तहसील में 44 पक्का मकान, तीन कच्चा मकान व एक झोपड़ी कट गया है। पीड़ितों के बीच 55.28 लाख रुपये का वितरण किया जा चुका है। वहीं, बांसडीह तहसील में 29 पक्का मकान, तीन कच्चा व 11 झोपड़ी नदी में समाहित हुई है। सभी पीड़ितों के बीच 39.56 लाख रुपये प्रदान किया गया है।
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347 किसानों को मिला मुआवजा
गंगा व सरयू की कटान में अभी तक 347 किसानों की भूमि कटी हुई है। इन पीड़ित किसानों को सरकार की तरफ से 22 लाख 99 हजार 447 रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसमें बैरिया में 129 किसानों को 8 लाख 02 हजार 083 रुपये व बांसडीह तहसील में 218 किसानों को 14 लाख 95 हजार 364 रुपये खाते में भेजा गया है।

शासन की तरफ से कटान पीड़ितों को आर्थिक सहायता लगातार प्रदान की जा रही है। अभी भी चिह्नांकन कार्य किया जा रहा है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम की भेजी जा रही है। शासन से मिलने वाले सहायता राशि ऑनलाइन सीधे पीड़ितों के खाते में भेजी जाती है। - देवेंद्र प्रताप सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
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