बलिया। कोलकाता की घटना के बाद चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर शासन सख्त हो गया है। जिले के सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा अब रिटायर्ड फौजी संभालेंगे, इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में जिला अस्पताल और पांच सीएचसी का चयन किया गया है। इनमें कुल 30 रिटायर्ड फौजी की तैनाती होगी। साथ ही अस्पताल परिसर में सीसी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, सभी अस्पताल प्रभारियों से प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिल चुकी है।
जनपद में एक जिला व एक महिला अस्पताल और 20 सीएचसी के अलावा 11 पीएचसी संचालित है। इन अस्पतालों की सुरक्षा निजी सुरक्षाकर्मी सम्भालते हैं। उसके बावजूद अस्पतालों में आए दिन चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों संग दुर्व्यवहार, चोरी व मरीजों के साथ अभद्रता की शिकायतों मिल रही है। रिटायर्ड फौजी ड्यूटी के प्रति सर्तक व मुस्तैद रहेंगे। निजी सुरक्षा गार्डों को हटाकर फौजी को रखा जाएगा। निजी सुरक्षागार्डाें के सापेक्ष सैनिकों का वेतन ज्यादा होने से इनकी संख्या अभी कम होगी। जिला अस्पताल में 15 सैनिकों की तैनाती होगी। पहले चरण में हर सीएचसी पर पांच-पांच सैनिक तैनात होंगे। इसके बाद अस्पताल में अराजक तत्वों पर लगाम लगेगी।
निजी गार्डों द्वारा डयूटी में लापरवाही की शिकायत मिलने पर उन्हें हटाकर, रिटायर्ड फौजी को रखा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिल गई है। अस्पताल परिसर में सीसी कैमरे भी बढ़ाए जाएंगे। डा. विजयपति द्विवेदी, सीएमओ।