बोर्ड परीक्षा कराने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। किसी भी हाल में नकल नहीं होने दी जाएगी। जिले में बनाए गए 274 परीक्षा केंद्रों पर 8020 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने केंद्र व्यवस्थापकों से केंद्रों पर पेयजल और प्रकाश के इंतजाम चौकस रखने को कहा है। जिले में नकलविहीन परीक्षा कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौती है। हालांकि इसको लेकर जिला प्रशासन चाक-चौबंद व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है। इस साल बोर्ड की परीक्षा मेें कुल दो लाख 25 हजार 610 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसमें हाईस्कूल के बालक 84 हजार 797 एवं बालिका 42 हजार 972 पंजीकृत हैं।
इसके अलावा इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए बालक 62 हजार 53 एवं बालिका 35 हजार 600 हैं। इसमें संस्थागत हाईस्कूल के बालक 75 हजार 714 व बालिका 41 हजार 311 तथा इंटरमीडिएट के बालक 54 हजार 714 व बालिका 33 हजार 967 हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 274 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के लिए शासन की ओर से केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी भी करीब नौ एडेड स्कूलों के अलावा तीन राजकीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं। जबकि महीनों पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निर्धारित ऐप पर अधिकांश स्कूलों ने सीसीटीवी कैमरे लगे होने का जिक्र किया है।
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक का दावा है कि एक-दो दिनों में सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो जाएगा। बोर्ड परीक्षा में कुल 8020 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग से 1580 शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। कुल 35 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात होंगे। इसके अलावा तीन दर्जन पर्यवेक्षक भी चक्रमण करते रहेंगे। ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे।