जयप्रकाशनगर। बैरिया थाना क्षेत्र के पूर्वी भवन टोला गांव में बुधवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान दो युवकों की करेंट लगने से मौत के बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा किया। गेट बंद कर दिया प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की दुर्व्यवस्था की ही देन है कि दोनों की मौत हो गई।
बताया कि घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों द्वारा घायलों को चिकित्सालय पर लाया गया था जहां चिकित्सक ने बिना देखे ही रेफर कर दिया। इसके अलावा एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई। बाइक से ही दोनों को सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया गया जहां दोनों युवकों के पहुंचने के पूर्व ही मौत हो गई। ग्रामीण अस्पताल का गेट बंद कर डीएम को मौके पर आने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे बैरिया एसओ एसी त्रिपाठी ने ग्रामीणों को बहुत समझाया लेकिन वे नहीं माने। इसके उपजिलाधिकारी बैरिया लालबाबू दुबे व अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार मौके पर पहुंचे और उनकी पीड़ा को सुना। अधिकारियों के आश्वासन पर पांच घंटे बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को एक पत्रक सौंपा जिसमें लिखा कि अस्पताल समय से नहीं खुलता है। अस्पताल पर कोई दवा उपलब्ध नहीं है और एक इंजेक्शन लगाने के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। उपजिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बहुत जल्द ही सारी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। कोड़रहा नौबरार पंचायत जयप्रकाशनगर के सूर्यभान सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग ने शासन को लिखे पत्र का भी संज्ञान नहीं लिया। रधान रुबी सिंह द्वारा 25 जनवरी 2018 व 20 नवम्बर 2018 को दो बार मुख्यमंत्री को पत्र देकर गांव के जर्जर विद्युत तार बदलने और उसे ठीक तरीके से टांगने की मांग की। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी को लिखा गया था। वहां से बलिया को भी संज्ञान लेने को निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद इस ओर किसी ने भी संज्ञान लेना उचित नहीं समझा। उस पत्र को विभाग ने संज्ञान लिया होता तो गांव में बड़ा हादसा नहीं होता।