बलिया। जनपद न्यायाधीश सुदीप कुमार बनर्जी के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पूनम कर्नवाल ने राजकीय बालिका गृह निधरिया में निराश्रित बालिकाओं को कुछ जरूरी विधि व कानून की जानकारी दी। शनिवार को बालिका निकेतन में आयोजित विधिक साक्षरता दिवस/जागरूकता शिविर में वे सीधे बालिकाओं से रूबरू थीं। आपसी बातचीत में उनकी समस्याएं जानी और उसके हिसाब से उचित नियम कानूनों के बारे में बताया। महिलाओं से संबंधित उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बालिकाओं से पूछा कि किसी को कोई दिक्कत परेशानी हो तो बताएं, ताकि उसका कानूनी तौर पर निराकरण कराया जा सके।
उन्होंने प्रोबेशन अधिकारी एके पांडेय से कहा कि 18 वर्ष से ऊपर की लड़कियों की पत्रावली न्यायालय में प्रस्तुत की जाए ताकि उनके भेजने की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने बालिका गृह का निरीक्षण भी किया। हाजिरी रजिस्टर व स्टाक रजिस्टर को देखा। उन्होंने बालिकाओं के ड्रेस व खाने-पीने की भी जानकारी ली। सभी बालिकाओं को फल एवं मिष्ठान का वितरण भी किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी एके पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बालिका निकेतन में कुल 55 लड़कियां हैं। जिसमें सात मंदबुद्धि की, एक विकलांग, दो मुकबधीर व 45 लड़कियां सीडब्ल्यूसी के अंतर्गत है। इस अवसर पर प्रभारी अधिक्षिका केसरी देवी, राधिका देवी, शशिकांत तिवारी, बाल संरक्षण अधिकारी विनोद सिंह, काउंसलर डीसीपीओ धर्मेंद्र श्रीवास्तव, सोशल वर्कर रामबिलास राम आदि उपस्थित रहे।