बलिया। जनपद में जननी सुरक्षा योजना का लाभ पाने से करीब चार हजार प्रसूताएं वंचित हो जाएंगी। क्योंकि मार्च तक योजना के लाभ के लिए अपना आधारयुकत नंबर बैंक डिटेल के साथ जमा नहीं करेंगे तो पैसा लैप्स हो जाएगा। जिला महिला अस्पताल में डिलेवरी होने पर बैंक का डिटेल देना होता है, जिसमें सरकार प्रसूता के खाते में जननी सुरक्षा योजना के तहत राशि भेजती है। लेकिन अधिकांश प्रसूताओं का बैंक डिटेल आधार कार्ड से लिंक नहीं होने के चलते उनके खाते में पैसा नहीं जा सका है।
अधिकारियों की माने तो मार्च तक यदि आधारकार्ड से लिंक युक्त बैंक का डिटेल अस्पताल में जमा नहीं किया गया तो संबंधित प्रसूता लाभ से वंचित हो जाएगी और उसका पैसा लैप्स कर जाएगा। अगर 31 मार्च से पूर्व धनराशि एवं पात्रों का आधार कार्ड बैंक से लिंक नहीं हुआ तो ये सभीस पात्र धनव्राशि प्राप्त करने से वंचित रह जाएंगे। सरकार की महत्वाकांक्षी जननी सुरक्षा योजना धरातल पर नहीं दिख रही है। कारण कि करीब 4165 प्रसूता महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका है। इसके पीछे बैंक में आधार कार्ड लिंक ना होना एवं बजट का अभाव बताया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल में अक्तूबर 2017 से बजट का अभाव चल रहा है। जिसके डिमांड के लिए महिला चिकित्सा विभाग ने कई बार पत्र भी भेज चुका है। बावजूद अभी बजट उपलब्ध नहीं हो सका है।
अगर शासन से कुछ बजट आया भी तो उसे बैंक में आधार से लिंक होने वाले पात्रों के खाते में भेज दिया गया। शासन के निर्देशानुसार पात्रों के खाते में 24 से 48 घंटे में धनराशि भेजने का प्रावधान है। लेकिन यहां बजट का अभाव तथा आधार कार्ड लिंक न होने की दशा में 4165 प्रसूताएं लाभ पाने से वंचित रह जाएंगी। वर्तमान में बैंक ने हजारों प्रसूताओं का आवेदन आधार कार्ड से लिंक न होने के कारण लौटा दिया है। जिसकी सूची सीएमएस ने डीएम, सीएमओ व डीपीएम को उपलब्ध करा दिया है। जिला महिला चिकित्सालय के आंकड़ों पर गौर करें तो छह माह के अंदर छह हजार से अधिक बच्चों को प्रसूताओं ने जन्म दिया। इस बाबत सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा ने बताया कि करीब छह माह से बजट का अभाव है। जिसके लिए कई बार पत्रक भेजकर मांग की गई है। बताया कि हजारों प्रसूताओं का आधार कार्ड बैंक में लिंक नहीं है, जिसके कारण बैंक ने लौटा दिया है। इसकी सूची डीएम, डीपीएम व सीएमओ को उपलब्ध करा दी गई है।
उधर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना अंतर्गत प्रसूताओं को पहली डिलेवरी पर मिलने वाले पांच हजार रुपये के लिए अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद प्रसूता के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।