बलिया। अधिकारियों की लापरवाही के कारण वर्ष 2017-18 की शादी अनुदान योजना मूर्तरुप नहीं ले पा रही है। जनपद के सात ब्लाकों और तीन तहसीलों से बीते चार महीने में एक भी आवेदन का सत्यापन नहीं किया गया है। महज नौ फीसदी आवेदनों का सत्यापन ही किया जा सका है।
वर्ष 2017-18 में शादी अनुदान के लिए सरकार की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने का प्रावधान किया गया। ग्रामीण इलाकों के आवेदन को संबंधित ब्लाक के बीडीओ की ओर से सत्यापन कर डिजीटली लॉक करते हुए ऑनलाइन अग्रसारित करने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा नगरीय इलाके आवेदनों के ऑनलाइन अग्रसारण की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलों को दी गई। लेकिन इस पर अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। 28 अप्रैल को जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ तथा एसडीएम को शादी अनुदान के आवेदनों का सत्यापन कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। नौ जून को सीडीओ ने भी निर्देश दिया। सात ब्लाकों बेलहरी, हनुमानगंज, सोहांव, बांसडीह, बेरुआरबारी, मनियर तथा चिलकर के बीडीओ की ओर से एक भी आवेदन का सत्यापन नहीं किया गया है। वहीं तीन तहसीलों बांसडीह, बेल्थरारोड तथा रसड़ा के एसडीएम की ओर से एक भी सत्यापन नहीं किया गया।
कोट
शादी अनुदान योजना की मॉनिटरिंग की गई है जिसमें सात ब्लाक और तीन तहसीलों की ओर से किसी आवेदन का सत्यापन नहीं मिला है। इसके अलावा अन्य ब्लाक और तहसील की भी प्रगति अच्छी नहीं है। सभी बीडीओ तथा एसडीएम को पत्र जारी आवेदनों के निस्तारण का निर्देश दिया गया है।
संतोष कुमार, सीडीओ