बैरिया। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी एसडीएम और तहसीलदार अगलगी की घटनाओं के बाद पीड़ितों के बीच नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे अधिकारियों की जरूरत नहीं है जो सेवक की जगह शासक बनकर काम कर रहे हैं। अच्छा होगा कि ऐसे अधिकारी खुद अपना स्थानांतरण करा लें। ये बातें बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
उन्होेंने कहा कि नवका गांव की पासवान बस्ती में रविवार को आग से 80 लोगों के आशियाने नष्ट हो गए। लाखों का नुकसान हुआ। पूरा गांव खुले आसमान के नीचे आ गया। मैंने जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत से मौके पर एसडीएम और तहसीलदार को भेजने का आग्रह किया लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं गया। वह देर रात तक वहीं रुक कर लोगों को भोजन, पानी व आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था कराते रहे। धतुरी टोला के दियारे में आग से 200 एकड़ की फसल जल गई। आग लगने के छह घंटे बाद वहां दमकलकर्मी पहुंचे। एसडीएम या तहसीलदार वहां भी नहीं पहुंचे। कहा कि ऐसे अधिकारियों को रहने नहीं देेंगे। इसके लिए वह किसी भी स्तर तक जा सकते हूं। इसलिए अच्छा होगा कि ऐसे अधिकारी खुद अपना स्थानांतरण करा कर चले जाएं।
जनहित के कार्य सर्वोपरि: एसडीएम : बैरिया। विधायक के आरोपों पर एसडीएम विपिन कुमार जैन ने कहा कि जनहित के कार्य सर्वोपरि हैं। वह चुनाव संबंधी बैठक थे जिससे नवका गांव नहीं पहुंच सके। तहसीलदार धतुरीटोला में अगलगी की सूचना पर पहुंचे थे। क्षेत्रीय लेखपालों व कानूनगो को भी भेजा गया था। सोमवार को तहसीलदार व रेवती एसओ के साथ मौके पर गया था। तहसील में जो भी कंबल, तिरपाल उपलब्ध था, वह अग्निपीड़ितों को उपलब्ध करा दिया गया है। उनका एकाउंट नंबर मांगा गया है। सरकारी सहायता एकाउंट नंबर मिलते ही अग्निपीड़ितों के खाते में डाल दिया जाएगा। घतुरी टोला में लेखपाल व कानूनगो द्वारा अग्निपीड़ितों की सूची बनाकर कृषि मंडी समिति को भेजी गई है। उन्हें भी तत्काल मुआवजा दिलाया जाएगा।