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व्यापारियों व कर अधिवक्ताओं ने वाणिज्य विभाग में दिया धरना

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बलिया। घूस मांगने का आरोप लगाते हुए वस्तु-सेवा एवं वाणिज्य कर कार्यालय में शुक्रवार को व्यापारियों व कर अधिवक्ताओं ने हंगामा कर दिया। इस दौरान इन लोगों ने घंटों धरना-प्रदर्शन किया। अधिकारियों पर व्यापारियों से घूस मांगने का आरोप लगाया।
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शहर के व्यापारियों व कर अधिवक्ताओं ने एक स्वर में डिप्टी कमिश्नर व उनके अधीनस्थ अधिकारियों पर 50 हजार से लेकर पांच लाख तक फाइल के निपटारे के लिए खुलेेआम घूस मांगने का आरोप लगाया। आरोप है कि घूस न देने पर बेवजह पोर्टल में फाइल को लटका दिया जाता है और मिलान नहीं होने का बहाना बनाकर व्यापारियों का उत्पीड़न शुरू कर दिया जाता है। इससे मजबूर होकर उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मांग की कि शासन भ्रष्ट अधिकारियों की जांच करे और उन्हें अविलंब निलंबित किया जाए, ताकि व्यापारी इनके उत्पीड़न से बच सकें।
इस दौरान टैक्स बार के अधिवक्ताओं ने विभागीय अफसरों के खिलाफ नारेबाजी भी की। देखते ही देखते वहां पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। अपने-अपने कक्ष से निकलकर अधिकारी भाग निकले। यहां तक कि डिप्टी कमिश्नर भी गायब हो गए। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जहां पर कर अधिवक्ता और व्यापारियों को समझाया गया। इसके बाद मामले को शांत कराया गया।
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व्यापारियों व कर अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब से विभाग में डिप्टी कमिश्नर आए हैं, तब से विभाग में भ्रष्टाचार की तूती बोल रही है। बिना घूस के एक भी फाइल डिप्टी कमिश्नर द्वारा ठीक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर व इनके अधीनस्थों से व्यापारी ही नहीं, कर अधिवक्ता भी त्रस्त हैं। उन्होंने मांग की कि विभाग की जांच कर भ्रष्ट डिप्टी कमिश्नर व भ्रष्ट उनके अधीनस्थों को निलंबित किया जाए। इस मौके पर टैक्स बार के अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद गांधी, पूर्व अध्यक्ष क्रमश: दीना नाथ गुप्ता, बद्रीनाथ पांडेय, प्रदीप कुमार, गुलाब चंद्र, डीएन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
रसड़ा से पहुंचे पीडि़त दवा व्यापारी शमशेर अली ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. सुनील कुमार ने फोन कर कहा कि आप कार्यालय में आ जाइए। आपकी वैट कर निर्धारण फाइल गलती है। जबकि मेरी फाइल को विभाग द्वारा जांच कर आदेश की कापी दे दी गई थी। जब मैं शुक्रवार को कार्यालय पर पहुंचा तो असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा कहा गया कि डेढ़ लाख रुपये घूस दीजिए मैं फाइल को ठीक करा दूंगा। इस पर उन्होंने कहा कि सर मेरा सब कुछ सही है तो घूस कैसे दे दूं। मैं नहीं दे पाऊंगा। आपको जो करना है, कर लीजिए। इस उनके द्वारा कहा गया कि तब आपको नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद वे अन्य व्यापारियों से मिले और अधिवक्ताओं को भी इसकी जानकारी दी, जिसके बाद धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया।
पीडि़त सीमेंट व्यापारी अश्वनी कुमार ने बताया कि उनसे असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा 20 हजार रुपये की फाइल ठीक करने के लिए घूस मांगा गया। जबकि उनकी फाइल सही है। इससे मजबूर होकर धरना पर बैठना पड़ा। जैसे ही इसकी जानकारी कर अधिवक्ताओं व अन्य व्यापारियों को हुई, काफी संख्या में लोग कार्यालय पर पहुंच गए और समर्थन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से निवेदन किया गया कि वे चलकर देख लें कि उनकी दुकान बंद है, इसके बावजूद उन लोगों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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