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रुबेला के टीका लगने के बाद पांच बच्चियों की हालत बिगड़ी

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बेल्थरारोड। उच्च प्राथमिक विद्यालय फरसाटार पर सोमवार को रुबेला (खसरा) का टीका लगाने के बाद पांच बच्चियों की हालत बिगड़ गई। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को इसकी जानकारी देने पर चिकित्सकों की टीम विद्यालय पहुंची और पीड़ितों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद हालत में सुधार बताया गया है।
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रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत हेल्थ विजिटर माला, सुमन सिंह और आशा कलावती के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंची। स्वास्थ्य कर्मियों ने विद्यालय के कुल 94 बालक-बालिकाओं को रूबेला का टीका लगाया। टीकाकरण के बाद कक्षा आठ की छात्रा प्रीति, सीमा, सुमन, अंजू और रानी को चक्कर आने के साथ ही पेट में दर्द शुरू हो गया। उसके बाद बच्चियों ने मध्याह्न भोजन लिया। भोजन के बाद पांचों बच्चियों के पेट का अचानक दर्द तेज हो गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक देवनाथ ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जीपी चौधरी को दी। अधीक्षक के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम विद्यालय पहुंची तथा बच्चों की हालत देखने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि अभिभावकों का कहना था कि रुबेला के टीकाकरण वाली टीम के साथ एक फर्स्ट एड टीम भी होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से बच्चों की तबियत खराब हो रही है। आलम तो यह है कि सीएचसी पर भी उपचार के दौरान दवाएं बाहर से मंगाकर उपचार किया जा रहा है। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।

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टीकाकरण के चलते बच्चों में भय उत्पन्न हो गया। डर के मारे टीकाकरण के बाद उनके पेट में दर्द होने लगा। हालांकि टीके का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। डॉ जीपी चौधरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक
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