बलिया। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज की ओर से गुरुवार को भारत बंद के आह्वान का जिले में व्यापक असर रहा। जिला मुख्यालय से लेकर कस्बा व ग्रामीण अंचलों तक बंद का असर रहा। बंद समर्थकों ने रोडवेज बस डिपो के काउंटर की जाली तोड़ दी। कई जगहों पर सरकारी बसों की हवा निकाल दी। चिलकहर में जाम को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जवाब में बंद समर्थकों ने पत्थरबाजी कर पुलिस की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ को तीतर बितर करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। उधर, बैरिया के बीबी टोला में बंद समर्थकों पर पत्थरबाजी की गई, जिससे तीन लोग घायल हो गए।
जनपद के विभिन्न इलाकों में सुबह से ही बाजार में दुकानें बंद रहीं और बंद समर्थकों का जत्था रुक-रुक कर चक्रमण करता रहा। हालांकि बंद समर्थकों के जुलूस के पीछे-पीछे पुलिस की गाड़ियां भी चल रही थीं लेकिन इसके बावजूद बंद समर्थकों ने रोडवेज बस डिपो पर पहुंचकर काउंटर की जाली तोड़ दी। बंदी को देखते हुए रोडवेज बसों का संचालन रोक दिया गया और रोडवेज स्टैंड पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। बंद समर्थकों ने नगर के शहीद पार्क, चौक रोड, स्टेशन-मालगोदाम रोड आदि स्थानों पर धरना प्रदर्शन किया। सभी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी बंद के समर्थन में प्रदर्शन कर कचहरी को बंद करा दिया और न्यायिक कार्य से विरत रह कर ओवरब्रिज पर चक्काजाम किया। शहर के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें स्वेच्छा से बंद रखी और पेट्रोल व कई निजी स्कूल भी बंद रहे।
उधर, ग्रामीण इलाकों व कस्बों में बंद का व्यापक असर रहा। चिलकहर में बंद समर्थकों ने चक्का जाम किया और सिर मुड़वा कर विरोध जताया। जाम को छुड़ाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज की। इसके बाद बंद समर्थकों ने भी जवाब में पत्थरबाजी कर पुलिस के गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बैरिया के बीबी टोला में भी बंद के दौरान ईंट पत्थर चलने से तीन लोग घायल हो गए। बंद समर्थकों ने पुलिस को तहरीर दी है। कस्बा के तहसील मोड़ पर बंद समर्थकों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। कस्बा में बंद के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। रानीगंज बाजार में चौक पर रास्ता जाम था। प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम को लेकर बाढ़ राहत सामग्री ले जा रहे प्रशासनिक अधिकारियों को बंद समर्थकों ने नहीं जाने दिया लिहाजा उन्हेें रास्ता बदल कर जाना पड़ा। रसड़ा में अधिकांश दुकाने बंद रहीं और बाइक जुलूस निकालकर पत्रक सौंपा गया। बेरूवारबारी मे युवाओं ने चक्का जाम किया। मनियर कस्बें में नगर में भ्रमण कर दुकाने बंद कराने के बाद प्रदर्शन किया। बांसडीह कस्बे के कचहरी चौराहे पर बाजार बंद कराने के बाद सरकार के विरोध में युवाओं ने नारेबाजी करते हुये प्रदर्शन किया। सिकन्दरपुर कस्बे में बंद समर्थकों ने एससी-एसटी एक्ट के विरोध में कस्बे में पैदल मार्च निकाला और एक्ट मे संशोधन की मांग की। वहीं तहसील में अधिवक्ताओं ने उक्त एक्ट का विरोध करते हुये जमकर नारेबाजी की। सुखपुरा में बंद समर्थकों की ओर से दुकानों को बंद कराया गया। निजी विद्यालय भी बंद रहे, जो खुले थे उनमें भी समय से पहले छुट्टी कर दी गई।