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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे फार्मासिस्ट

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बलिया। विगत चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से नाराज जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात फार्मासिस्टों ने डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में शनिवार को अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना दिया। धरने के कारण मरीजों को सुई-दवा नसीब नहीं हो सकी। इस दौरान विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया। निर्णय लिया गया कि 26 दिसंबर को तालाबंदी की जाएगी और धरना वेतन भुगतान न होने तक अनवरत जारी रहेगा।
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धरने को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला चिकित्सालय समेत समस्त सीएचसी, पीएचसी व न्यू पीएचसी पर तैनात समस्त संवर्ग का चार माह से लंबित वेतन व अन्य लंबित मांग पूरी नहीं की जा रही है। जिससे मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करना पड़ रहा है। जिससे जिला अस्पताल, महिला चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने आए मरीजों को सुई-दवा नसीब नहीं हुई। जिसकी सारी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की है। चेताया कि 25 दिसंबर तक लंबित भुगतान नहीं किया गया तो 26 दिसंबर को तालाबंदी की जाएगी। इसके साथ ही वेतन भुगतान तक अनिश्चितकालीन धरना चलता रहेगा। इस दौरान संयुक्त चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ, महिला कर्मचारी संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित अन्य संगठनों ने समर्थन दिया। इस मौके पर देव प्रकाश सिंह, अरूण कुमार सिंह, अवधेश सिंह, अविनाश कुमार, मलय कुमार पांडेय, बीएन ओझा, विवेक सिंह, अशोक सिंह समेत जनपद के समस्त फार्मासिस्ट एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रेवती संवाददाता के अनुसार, सीएचसी के फार्मासिस्ट भी कार्य से विरत होकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध जिला मुख्यालय पहुंच गए। ज्ञातव्य हो कि विगत चार माह से फार्मासिस्टों का वेतन बकाया है। फार्मासिस्ट एसएन तिवारी कि मुख्य चिकित्साधिकारी की अब जनता की उदासीनता की वजह से वेतन भुगतान बाधित है। परिस्थितियां यह हो गई है कि बिना वेतन भुगतान के हमारे परिवार पर भी असर पड़ रहा है। आलम यह है कि वेतन भुगतान नहीं होने के कारण पारिवारिक परिस्थितियां जटिल होती जा रही हैं। फार्मासिस्ट कार्य से विरत होकर मुख्य जिलाधिकारी के विरुद्ध जिला मुख्यालय पर धरना के लिए चले गए।
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