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एकमात्र संचालित वृद्धाश्रम में रहते हैँ 55 बुजुर्ग

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बलिया। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस एक अक्तूबर को मनाया जाता है। वर्ष 2007 में संसद में एक प्रस्ताव पास कर हर जिले में वृद्धाश्रम बनाने की व्यवस्था की गई। लेकिन जिले को प्रस्ताव के 10 साल बाद वृद्धाश्रम आवंटित हो सका। हालांकि यह व्यवस्था भी पूरी तरह परवान नहीं चढ़ सका। जिले में संचालित एकमात्र वृद्धाश्रम को सरकार की ओर से माकूल धन उपलब्ध नहीं होने के कारण संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि वृद्धाश्रम में कुल 55 वृद्धों को रखा गया है।
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बताया जाता है कि मई 2017 में शासन की ओर से जिले में वृद्धाश्रम संचालन के लिए निर्देश जारी किया किया। शासन स्तर पर ही वृद्धाश्रम संचालन के लिए श्रीप्रान इंडिया लिमिटेड नाम के एजेंसी का निर्धारण करते हुए 16 लाख की धनराशि का आवंटन किया गया। सरकार की ओर से यह भी तय किया गया कि वृद्धाश्रम में 25 से अधिक वृद्धों के रहने की दशा में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वृद्धाश्रम में रहने के लिए गरीब परिवारों के तथा सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस मिले वृद्धों को वरीयता दी जाएगी। वृद्धाश्रम में बिजली, पानी, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके अलावा संबंधित एजेंसी की ओर से वृद्धों के देखभाल के लिए नर्स, रसोईया, परिचारिका, नौकर के अलावा अन्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सरकार ने वृद्धाश्रम संचालन के बाबत आवंटित धनराशि के यूटिलाइजेशन रिपोर्ट की जिम्मेदारी जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी। इसके बाद संबंधित एजेंसी की ओर से गड़वार में वृद्धाश्रम संचालन की शुरुआत वर्ष 2017 के जुलाई महीने में की गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी की मानें तो वृद्धाश्रम में वर्तमान में कुल 55 वृद्ध हैं। इनके खाने-पीने के अलावा अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है।
15 महिला व 40 पुरुष वृद्ध की हो रही परवरिश
बलिया। जिले में एकमात्र संचालित वृद्धाश्रम में कुल 55 वृद्ध हैं। इसमें 15 महिला व 40 पुरुष हैं। महिला व पुरुष वृद्धों की मदद के लिए महिला व पुरुष नौकर भी रखे गए हैं जो इनकी देखभाल करते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी की मानें तो कोरोना संक्रमण को लेकर पूरी सावधानी बरतने का निर्देश संचालक को दिया गया है। सभी वृद्धों के बेड के पास साबुन व सैनिटाइजर रखा गया है ताकि वह समय-समय पर हाथ धोते रहें या फिर हाथों को सैनिटाइज करते रहें।
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एक वृद्ध को खाने आदि के लिए प्रतिदिन 75 रुपये का होता है बजट
बलिया। वृद्धाश्रम संचालन के लिए शासन की ओर से कोई स्थिर बजट नहीं उपलब्ध कराया जाता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार शासन से प्रत्येक वृद्ध के नाश्ता, खाना आदि के लिए प्रतिदिन 75 रुपये के हिसाब से धनराशि प्राप्त होती है। इसके अलावा कर्मचारियों को मानदेय पर रखा गया है। बताया कि वृद्धों की संख्या और कर्मियों का सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने के बाद शासन की ओर से धन मुहैया कराया जाता है। बताया कि वृद्धों के स्वास्य की देखरेख करने के लिए नर्स को भी रखा गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने माना कि सरकार की ओर से पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने के कारण कर्मियों की संख्या है।
जनपद में एकमात्र गड़वार में वृद्धाश्रम का संचालन होता है जहां कुल 55 वृद्ध रहते हैं। संचालक की ओर इनकी देखरेख का इंतजाम किया जाता है जिसका समय-समय पर निरीक्षण कर सत्यापन भी किया जाता है।
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-विनोद कुमार यादव, प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी, बलिया।
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