बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेला में जिला प्रशासन इस बार कुछ अलग करने की तैयारी में है। इसके लिए मेले में पांच चौराहे बनाए जाएंगे। जहां बलिया संस्कृति विरासत की झलक पेश की जाएगी।
मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने बताया कि इसके लिए ददरी मेले में महर्षि भृगु, दर्दर मुनी, शहीद चौक, भारतेंदु और बलिया 2.0 सर्कल के नाम से पांच चौराहा बनाएं जा रहे हैं। इनमें पहला चौराहा महर्षि भृगु के नाम से बनेगा, जो दर्दर मुनि के गुरु रहे। दूसरा चौराहा का दर्दरा मुनि के नाम से बनेगा, जिनके नाम पर ददरी मेला का आयोजन होता है। तीसरा चौराहा भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाम से बनेगा, जिनके नाम पर भारतेंदु कला मंच लगता है। चौथा चौराहा वीर सपूतों की धरती होने के कारण शहीद चौक के नाम और पांचवां चौराहा बलिया 2.0 सर्कल के नाम से बनेगा, जो बलिया के विकास और भविष्य की योजनाओं को प्रदर्शित करेगा।
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पहली बार बनेगी बलिया गली : सीआरओ त्रिभुवन ने बताया कि ददरी मेले में पहली बार बलिया के व्यापारियों और व्यंजनों के लिए बलिया गली बनेगी। यहां बलिया के ही व्यापारी और दुकानदारों को जमीन आवंटित की जाएगी। बलिया गली में सेल्फी प्वाइंट और विशिष्ट एक्टिविटी होगी।
मेले में बनेगा शिकायत प्रकोष्ठ : ददरी मेले के व्यापारियों एवं दुकानदारों की समस्याओं के निराकरण हेतु शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है, जिसके नोडल उपजिलाधिकारी सदर आत्रेय मिश्रा हैं। साथ ही 8 घंटे -8 घंटे के हिसाब से तीन अधिकारियों की तैनाती की गई है। ताकि व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
20 को जारी होगा ददरी मेला का लोगो : थीम सॉन्ग के बाद ददरी मेले का लोगो और थीम नारा भी भारतेंदु कला मंच पर 20 नवंबर को कवि सम्मेलन कार्यक्रम के दिन प्रकाशित किया जाएगा।
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डीएम ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने शनिवार को ददरी मेला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने भारतेंदु मंच के निर्माण को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए। नपा के अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार ने मेले में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी डीएम को दी। इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, एडीएम डीपी सिंह, नगर मजिस्ट्रेट इंद्रकांत त्रिवेदी आदि रहे।