रेवती। क्षेत्र के पचरुखा देवी के मंदिर पर श्रद्धालु नर नारियों का हुजूम नवमी तिथि पर जुटकर पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर मेला का आयोजन भी हुआ, जिसमें विभिन्न वस्तुओं की दुकानें लगाई गई। विभिन्न स्वयंसेवी संस्था तथा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा जुटे श्रद्धालुओं का आवभगत किया गया। पचरूखा देवी की स्थापना वैशाख सुदी नवमी पुष्य नक्षत्र 1292 में होने बाद से चैत्र नवरात्र की नवमी के दिन देवी के पूजा का महात्म्य एवं परंपरा क्षेत्रीय लोगों में रही है।
इस तिथि पर भारी संख्या में श्रद्धालु नर नारी देवी के दरबार में आ कर पूजन अर्चन करते हैं। नवमी के दिन भोर बेला से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालु जुटने लगे तथा यह क्रम देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर पूर्व की भांति दंगल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन हुए। मंदिर के पास स्वयंसेवी संस्था तथा राजनीति दलों के लोग अलग अलग स्टाल लगा कर जुटे लोगों का स्वागत सत्कार किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी जुटकर मत्था टेके।उनगर के काली माता दुर्गा माता मंदिरों सहित शोभनाथपुर की देवी मंदिरों भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।