रसड़ा। वित्तविहीन शिक्षकों शिक्षणेतर कर्मचारियों के हितों के प्रति योगी सरकार पूर्णतया संवेदनहीन हो चुकी है, जो शिक्षा एवं शिक्षक के लिए उचित नहीं है। वित्तविहीन शिक्षक अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। यह बातें माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष डॉ. कृष्णमोहन यादव ने शुक्रवार को यहां कही।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकारी राजपोषित प्रबंधकीय विद्यालयों में रिक्त पड़े अध्यापक पदों पर भर्ती नहीं कर रही है। वहीं दूसरी ओर वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सरकार द्वारा दिए जा रहे मानदेय को भी बंद कर दिया गया, यह कहां का न्याय है । वित्तविहीन विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में 87 प्रतिशत की सहभागिता कर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संगठन की मांगों को कई बार अनदेखी कर चुकी है। चेताया कि 31 दिसंबर तक सरकार शिक्षकों की मांगों पर अमल नहीं करती है तो शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारी मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदेश के समस्त वित्तविहीन शिक्षक प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में 7 जनवरी को धरना देंगे। इस अवसर पर विनय कुमार सिंह, आलोक रंजन मिश्र, अनिल सिंह, सतीश यादव, अमित कुमार पांडे, रामदुलार यादव, योगेंद्र सिंह, सचिन वर्मा, रवींद्र सिंह आदि मौजूद रहे।