रामगढ़ (बलिया)। घाघरा के संग ही गंगा किनारे बसे गांवों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बुधवार को गंगापुर में फ्लड फइटिंग के तहत बनाए गए तीन कटर में से बिचले कटर का निचला हिस्सा बह गया। गंगापुर से केहरपुर तक कटान तेज हो ई है। इसके चलते सुनार टोला रामगढ़ और शेष बचा पूरवा चौबे छपरा व सांसद आदर्श गांव केहरपुर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। गंगा के रुख को देखते हुए इन गांवों के लोग अपने सामानों को सुरक्षित ठौर देने में जुट गए हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। ऐसे ही गंगा के जल स्तर में बढ़ाव बना रहा तो जल्द ही गंगा लाल निशान पार कर सकती है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार बुधवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 55.91 मी. दर्ज की गई और प्रति घंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।
पानी के बढ़ाव व कटान को देखते हुए चौबेछपरा निवासी लालू यादव, श्रीनाथ यादव, दिनेश यादव, ललन ओझा आदि ग्रामीण अपने घरों को उजाड़ने व सुरक्षित ठौर देने में जुटे हुए हैं। उधर, गंगा के रुख को देखते हुए केहरपुर गांव के ग्रामीण भी दहशत में हैं। गांव के जयप्रकाश ओझा, अनिल ओझा, शिवजी सिंह, प्रभुनाथ ओझा, वीरेंद्र ओझा आदि अपने सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ विभाग केवल झूठा आश्वासन दे रहा है और फ्लड फइटिंग के तहत अस्थाई काम करा कर धन का बंदरबांट करने में लगे हुए हैं। अगर हमारे जन प्रतिनिधि व बाढ़ विभाग ने इन गांवो को बचाने का प्रयास किया होता तो शायद यह नौबत नहीं आती। केवल एक साल से यही आश्वासन देते रहे हैं कि 24 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर शासन में भेजा गया है और आते ही स्थाई बाढ़ निरोधक कार्य शुरू किया जाएगा। लेकिन यह कार्य कब शुरू होगा कोई जिमेदार अधिकारी माकूल जवाब देने को तैयार नहीं हैं। लोग तो अब यह भी कहने लगे हैं कि सांसद आदर्श ग्राम के अस्तित्व के मिटने के बाद ही शायद धन आए। उधर, कटर धंसने की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह के साथ ही बाढ़ विभाग के अधीक्षण अभियंता बीपी ऱ्सिंह, एसडीओ चंद्र मोहन शाही, सहायक अभियंता मुन्ना यादव, जावेद अख़्तर ने गंगापुर में बने कटर का हालात देखा। विधायक ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों को तीनों कटर के बीच खाली स्थान को बालू से भरी बोरियों से भरवाने को कहा ताकि बहादुर बाबा के स्थान को हर हाल में बचाया जा सके।