बलिया। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने के लिए एक तरफ जहां शासन पूरी तरह नकलविहीन परीक्षा कराने का फरमान जारी कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ नकल माफिया भी इसका काट निकालने के पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। फरमान के बावजूद भी नकल माफियाओं द्वारा कॉपी लिखने का ठेका तथा नकल कराने का ठेका लेना शुरू कर दिया है। हाई स्कूल की कॉपी लिखवाना है तो 10 हजार व इंटरमीडिएट की कॉपी के लिए 15 हजार रुपये ले रहे हैं।
शासन ने जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को शुचिता पूर्वक कराने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए पहली बार परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए है। लेकिन नकल के लिए बदनाम इलाके में नकल कराने और कापी लिखवाने के लिए ठेका शुरु हो गया है। बोर्ड परीक्षा में सख्ती से जहां बोर्ड परीक्षार्थी परेशान हैं वहीं नकल माफियाओं ने इसकी काट निकालने के लिए दिमाग दौड़ाना शुरु कर दिया। ऐसे में इस खेल को रोकने में जिला प्रशासन को कितना सफलता मिलेगी यह तो परीक्षा के दौरान ही पता चलेगा।
उधर, स्कूल संचालक बोर्ड परीक्षा के लिए फीस तय करने के साथ नकल कराने की तैयारी करने में जुटे हैं। हाईस्कूल के एक परीक्षार्थी से दस हजार और इंटर के परीक्षार्थी से 15 हजार तक की वसूली करने का रेट तय कर दिया गया है। अब तक नकल पर नकेल कसने की सारी कवायदें हर बार बोर्ड की परीक्षा के दौरान फेल होती रही है। ऐसे में नकल के लिए गैर प्रांतों से भी हजारों की संख्या में परीक्षार्थी जिले में आते है। जो हर साल अच्छे नंबरों से पास होकर अपने प्रदेश में चले जाते है। हालांकि बोर्ड परीक्षा के दौरान सख्ती किए जाने को लेकर सैलानी परीक्षार्थी सशंकित है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम का कहना है कि किसी भी सूरत में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए जो भी दोषी होगा उसे दंडित किया जाएगा।