बलिया। नगरपालिका क्षेत्र में नालियों की हालत काफी जर्जर है। जहां लाखों रुपये खर्च के बाद नालियों की दशा नहीं सुधरी, साफ-सफाई के नाम पर भी खर्च किए गए पैसे का हिसाब लेने वाला कोई नहीं है। नगर के सड़कों के किनारे बनी नालियां उफन कर सड़क की शोभा बिगाड़ रही है।
नपा प्रशासन की ओर से नालियों के साफ-सफाई और उसे दुरुस्त करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए बावजूद इसके हालात काफी दुरूह है। आलम यह है कि नालियों के निर्माण के लिए खर्च किए गए धन का हिसाब लिया जाए तो 50 फीसदी कार्य भी धरातल पर नहीं दिखेंगे। जबकि नगर के सुंदरीकरण के लिए आए धन में से लाखों रुपये खर्च करके सड़क के साथ ही नालियों का निर्माण कराया गया था। नगर के विशुनीपुर स्थित दवामंडी के समीप भी नालियों पर कूड़ेदान बना दिया गया है। वहीं दूसरी ओर विजयीपुर अस्पताल मार्ग पर बनी नाली काफी जर्जर हो चुकी है। नाली के पास ही कूड़ा रखे जाने के चलते वहां संक्रमण की स्थिति पैदा हो गई है। जबकि नगर के गलियों और सड़कों को स्वच्छ रखने के लिए योगी सरकार के फरमान के मुताबिक स्लम बस्तियों में डस्बीन वितरित किए गए थे। उन स्लम बस्तियों में डस्बीन से फेंके गए कूड़े को उठाने के लिए कोई कूड़ेदान नहीं रखा गया है। ऐसे में लोग सड़क के किनारे ही कूड़ा फेंक रहे है। विजयीपुर मोहल्ले के विनोद का कहना है कि अगर नगर को स्वच्छ नहीं रखना तो फिर जागरूकता अभियान चलाने का क्या औचित्य है। इस मोहल्ले के प्रिंस श्रीवास्तव का कहना है कि नालियों को ढक्कन युक्त बनाए जाना चाहिए जिससे बाहरी कूड़ा नाली में जा सके। नगरपालिका प्रशासन को कूड़ा निस्पादन के लिए और अधिक कर्मचारियों को रखने की जरूरत है। नपा के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि नालियों और नालों की सफाई कराई जा रही। इसमें कहीं कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।