हल्दी। भारतीय खाद्य निगम में सुपरवाइजर पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर जालसाजों ने रिटायर्ड फौजी से करीब 37.51 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने देवेश सिंह व रिचा सिंह पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष राजू राय ने बताया कि बेलहरी गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह ने तहरीर देकर बताया कि वह पूर्व सैन्यकर्मी हैं। रिश्तेदारों ने उन्नाव निवासी देवेश सिंह से मुलाकात कराई। देवेश ने खुद को यूपी राज्य भंडारण निगम का यूनियन उपाध्यक्ष और भारतीय खाद्य निगम का अधिकारी बताकर कई युवकों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उसकी बातों में आकर बेटे को नौकरी दिलाने के लिए कुल 55.70 लाख रुपये उसके व उसकी पत्नी ऋचा सिंह के खाते ट्रांसफर कर दिए। काफी दिन बाद जब नौकरी नहीं मिली तो रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने चेक दिए। 13 लाख रुपये का एक चेक बाउंस हो गया। पीड़ित के अनुसार 2022 से 2024 के बीच आरोपियों ने करीब 18.19 लाख रुपये वापस किए, लेकिन अभी भी 37.51 लाख रुपये बकाया है। रुपये मांगने पर आरोपी और उनकी पत्नी गाली-गलौज करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि तहरीर पर पति पत्नी पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है।