मनियर। क्षेत्र के धसका गांव में बृहस्पतिवार को चकबंदी के संबंध में शिव मंदिर परिसर में काश्तकारों की बैठक हुई। इसमें गांव के 35 किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया का विरोध करते हुए हस्ताक्षर बनाए।
विरोध करने वालों में रामनाथ प्रसाद, सत्यदेव सिंह, अखिलेश सिंह, सत्येंद्र, चंद्रमा, हीरालाल, फुलेना, जयप्रकाश, जनार्दन आदि शामिल है। इनका कहना था कि गांव में दोबारा चकबंदी की प्रक्रिया अमल में न लाई जाए। बीते 27 मार्च को गांव के शिव मंदिर परिसर में खुली बैठक में चकबंदी का प्रपत्र वितरित किया गया था। इसमें गांव के कुल 216 काश्तकारों में से 175 काश्तकारों ने चकबंदी प्रक्रिया का विरोध किया था। 35 काश्तकारों ने चकबंदी को लेकर अपना अभिमत प्रस्तुत नहीं किया था। इसकी रिपोर्ट चकबंदी आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ को जिलाधिकारी एवं जिला उपसंचालक चकबंदी प्रवीण कुमार लक्षकार ने प्रेषित की थी। रिपोर्ट में जिला अधिकारी ने किसानों में आपसी गुटबंदी का हवाला देते हुए गांव में चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की थी। इसके बावजूद भी चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर बैठक की, जिससे किसानों में आक्रोश है। बैठक में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी, चकबंदी कर्ता व चकबंदी लेखपाल शामिल रहे।