बांसडीह। विधानसभा चुनाव के लिए बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में मतदान व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों, इसके लिए बांसडीह विधानसभा में 33 नए मतदान केंद्र (बूथ) बढ़ा दिए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में कुल बूथों की संख्या 420 से बढ़कर 453 हो गई है।
एसडीएम एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि मतदाता संख्या में वृद्धि, मतदान केंद्रों पर भीड़ और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आयोग का उद्देश्य है कि किसी भी बूथ पर मतदाताओं का दबाव न रहे और सभी मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जो भी अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, वह नए और बढ़े हुए बूथों के अनुसार ही होगी। इससे मतदाता सूची, बूथ निर्धारण और मतदान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि बूथों की संख्या बढ़ने से मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों की समस्या कम होगी। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, नजदीक बूथ मिलने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
मतदाता सूची पर दर्ज कराईं 560 आपत्तियां
बैरिया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पुनरीक्षण कार्य पूरा हो गया है। अनंतिम मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद दावे व आपत्तियों का काम भी पूरा कर लिया गया। बैरिया और मुरली छपरा ब्लॉक में लगभग 560 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। अब इनके निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पुनरीक्षण अभियान के दौरान 23 दिसंबर को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन किया गया था। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार बैरिया ब्लाॅक में 4409 मतदाता बढ़े हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 1040306 पहुंच गई है। मुरली छपरा ब्लाॅक में पिछले चुनाव की तुलना में 947 मतदाता कम हुए हैं। इस ब्लाॅक में कुल 135165 मतदाता हैं। 30 दिसंबर तक आपत्तियां व दावे दाखिल किए गए। अब संबंधित रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इनका निस्तारण करेंगे। छह फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एडीओ पंचायत मुरली छपरा अवधेश पांडेय ने बताया कि आपत्ति व दावे लेने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम प्रकाशन 6 फरवरी को हो जाएगा।