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48 घंटे बाद भी नहीं मिली दरोगा की पिस्टल

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बलिया। कोतवाल के आवास का शुक्रवार को ताला तोड़कर चोरी गई कोतवाल की सरकारी और निजी पिस्टल का पता नहीं चल पाया है। पुलिस, स्वाट, सर्विलांस और फोरेंसिक टीम ने शुक्रवार तथा शनिवार को छानबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मामले में शुक्रवार की देर शाम मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
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शहर कोतवाल शशिमौलि पांडेय शुक्रवार सुबह एक गाड़ी के नीलामी के मामले में बलिया कोर्ट गए थे। इस दौरान उन्होंने अपना सरकारी व निजी पिस्टल आवास पर ही छोड़ दिया था। जब वह वापस लौटे तो पाया कि उनके आवास में का दरवाजे का ताला टूटा हुआ है। कमरे में रखी आलमारी का ताला भी टूटा मिला। उसमें रखे सरकारी व निजी दो पिस्टल गायब मिले लेकिन राइफल तथा 40 हजार नकदी को चोरों नहीं छुआ नहीं था। सवाल उठता है कि चोरों ने आलमारी में रखे 40 हजार रुपये और राइफल क्यों नहीं चुराया। केवल दोनों पिस्टल लेकर ही क्यों गायब हुए। यदि कोतवाल अपनी ड्यूटी पर कहीं जाते हैं तो क्या सर्विस पिस्टल घर पर रख सकते हैं। ड्यूटी के वक्त अगर कोतवाल अपनी सर्विस पिस्टल तक अपने साथ नहीं ले गए जो बाद में चोरी चली गई। फिलहाल इस पूरी घटना में कोतवाली परिसर में तैनात किसी पुलिसकर्मी का हाथ होने का भी संदेह जताया जा रहा है। सीसी कैमरे के फुटेज के सहारे छानबीन की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार बिना किसी पुलिसकर्मी के शामिल हुए यह वारदात होना असंभव है। हो सकता है किसी का कोतवाल से कोई द्वेष हो और वह इस प्रकार की घटना किसी के साथ मिल कर की गई हो।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्रनाथ ने बताया कि कोतवाल शशिमौलि पांडेय शुक्रवार को न्यायिक कार्य से न्यायालय गए थे। वहां से वे सेंट जेवियर्स स्कूल गए जहां पुलिसकर्मी रुके हुए थे। जब वे आवास पर पहुंचे तो दरवाजा व आलमारी का ताला टूटा देख अवाक रह गए। उनकी सरकारी और निजी पिस्टल गायब थी। मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है।
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