बलिया। महंगाई पर अंकुश लगाने के वादे के साथ केंद्र में आई भाजपा सरकार द्वारा महंगाई पर रोक तो नहीं लगाई जा सकी, लेकिन दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर बेतहाशा वृद्धि कर आमजन का महंगाई तले दबा दिया है। चाहे गैैस सिलेंडर हो या डीजल-पेट्रोल। सरकार ने सभी में बेतहाशा वृद्धि की। इसको लेकर आमजन में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि इसी प्रकार सिलेंडर, पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ते रहे तो लोग एक बार फिर लकड़ी व कोयले पर खाना बनाने को विवश होंगे। उपभोक्ताओं ने तत्काल सिलेंडर के दाम घटाने की मांग की।
नगर के निवासी उपभोक्ता संत विलास सिंह ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा के नेताओं ने देश की जनता के साथ महंगाई पर अंकुश लगाने का वादा किया था। उस समय भाजपा के नेता गैस सिलेंडर, डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सिलेंडर लेकर संसद भवन में धरना-प्रदर्शन करने का काम किया करते थे। लेकिन आज उन्हीं की सरकार में गैस सिलेंडर के आसमान छूने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उपभोक्ता काशी नाथ पांडेय ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार ने सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब लोगों के घरों तक सिलेंडर पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ सिलेंडर के दाम दिनों दिन बढ़ाकर उन्हें फिर से पुराने ईंधन पर ही भोजन बनाने के लिए मजबूर कर दिया है। बताया कि सब्सिडी भी गैस एजेंसी वितरक मनमाने तरीके से भेजने का काम कर रहे हैं जिसके कारण अधिकांश लोग सब्सिडी से वंचित हो जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को भी सिलेंडर भरवाने के लिए 1022 रुपये की व्यवस्था करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।