बलिया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गुरुवार को संकल्प साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था की ओर से सहरसपाली प्राथमिक विद्यालय पर गोष्ठी व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संकल्प के रंगकर्मियों ने बेटी बचाओ व समाज में महिलाओं की संघर्ष को लेकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या रीता सिंह ने कहा कि वक्त के साथ बदलाव हुआ है लेकिन अभी और बदलाव की जरुरत है। कहा कि अभी भी महिलाओं के साथ भेदभाव किया जाता है और समाज में उन्हें दूसरे दर्जे पर माना जाता है। भ्रूण हत्या व बलात्कार की घटनाओं में दिनों-दिना इजाफा हो रहा है जो चिंता का विषय है। शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक महिलाओं के पास निर्णय लेने की स्वतंत्रता नहीं आती तब तक महिलाओं की वास्तविक आजादी नहीं मानी जा सकती। संकल्प के सचिव आशीष त्रिवेदी ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को जब तक आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्रों में निर्णय लेने की आजादी नहीं मिलती तब तक महिलाओं की आजादी की बात बेमानी है। संकल्प के रंगकर्मियों ने बेटी बचाओ व नारी संघर्ष पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की। इसमें सोनी, ट्विंकल गुप्ता, पुष्पा, सुनील शर्मा, चंदन, अर्जुन, अमित, राहुल, गोविंदा थे। इस मौके पर सुषमा विश्वकर्मा, विनू उपाध्याय, प्रियंवदा तिवारी, अनिल कुमार यादव, प्रीति चौरसिया, शारदा विश्वकर्मा, सुनंदा, कमलावती आदि थे।